पितृ विसर्जनी अमावस्या पर हरिद्वार पहुंचे असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, नारायणी शिला मंदिर में की विशेष पूजा-अर्चना

पितृ विसर्जनी अमावस्या पर हरिद्वार पहुंचे असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, नारायणी शिला मंदिर में की विशेष पूजा-अर्चना

स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

पितृ विसर्जनी अमावस्या के पावन अवसर पर असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा हरिद्वार पहुंचे। प्राप्त जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ने धर्मनगरी के प्रसिद्ध श्री नारायणी शिला मंदिर में पहुंचकर अपने पूर्वजों की आत्मा की शांति और मोक्ष प्राप्ति की कामना के साथ विशेष पूजा-अर्चना एवं धार्मिक अनुष्ठान में हिस्सा लिया।

हरिद्वार में पितृ विसर्जनी अमावस्या का विशेष धार्मिक महत्व है। इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु अपने पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करने के लिए धर्मनगरी पहुंचते हैं। 10 अक्टूबर को सर्वपितृ अमावस्या के अवसर पर नारायणी शिला मंदिर सहित विभिन्न गंगा घाटों पर धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जा रहे हैं।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा भी इसी धार्मिक परंपरा के तहत हरिद्वार पहुंचे। प्राप्त विवरण के अनुसार उन्होंने नारायणी शिला मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने अपने दिवंगत पूर्वजों को श्रद्धापूर्वक स्मरण करते हुए उनकी आत्मा की शांति और सद्गति के लिए प्रार्थना की।

हरिद्वार स्थित श्री नारायणी शिला मंदिर पितृ कर्मकांड के लिए प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है। मान्यता है कि यहां भगवान नारायण की आराधना और पितरों के निमित्त श्राद्ध एवं तर्पण करने से दिवंगत आत्माओं को सद्गति प्राप्त होती है। यही कारण है कि पितृ पक्ष में इस मंदिर का विशेष महत्व रहता है।

पितृ विसर्जनी अमावस्या को सर्वपितृ अमावस्या के नाम से भी जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन उन पूर्वजों के निमित्त भी श्राद्ध किया जाता है, जिनकी मृत्यु की तिथि ज्ञात नहीं होती। श्रद्धालु इस दिन अपने पितरों को जल अर्पित कर उनकी आत्मा की शांति और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना करते हैं।

मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के हरिद्वार आगमन को देखते हुए नारायणी शिला मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाने की जानकारी है। मुख्यमंत्री की सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस और सुरक्षा कर्मियों को सतर्क रखा गया, ताकि पूजा-अर्चना के दौरान व्यवस्थाएं सुचारु बनी रहें।

पितृ विसर्जनी अमावस्या के अवसर पर नारायणी शिला मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ भी देखने को मिल रही है। सुबह से ही श्रद्धालु अपने पूर्वजों के निमित्त पूजा करने के लिए मंदिर पहुंच रहे हैं। इस दौरान मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों और पितृ तर्पण का सिलसिला जारी है।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का हरिद्वार के नारायणी शिला मंदिर से पहले भी धार्मिक जुड़ाव रहा है। वह पूर्व में भी इस मंदिर में पूजा-अर्चना करने आ चुके हैं। ऐसे में पितृ विसर्जनी अमावस्या पर उनका हरिद्वार पहुंचना इसी धार्मिक परंपरा से जुड़ा माना जा रहा है।

धर्मनगरी हरिद्वार में पितृ विसर्जनी अमावस्या को लेकर श्रद्धा और आस्था का माहौल बना हुआ है। देशभर से पहुंचे श्रद्धालु गंगा स्नान और पितृ तर्पण कर अपने पूर्वजों को श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। इसी क्रम में असम के मुख्यमंत्री के धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने की जानकारी सामने आई है।