बाजपुर में भीषण ओलावृष्टि से किसानों की फसलें तबाह, मुख्यमंत्री धामी ने खेतों में पहुंचकर लिया नुकसान का जायजा

बाजपुर में भीषण ओलावृष्टि से किसानों की फसलें तबाह, मुख्यमंत्री धामी ने खेतों में पहुंचकर लिया नुकसान का जायजा

स्थान : बाजपुर
रिपोर्टर : विशेष शर्मा

शुक्रवार दोपहर बाजपुर क्षेत्र में हुई भीषण ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अचानक हुई ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचा है। किसानों की परेशानी की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया और किसानों के बीच पहुंचकर उनकी समस्याएं सुनीं।

शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे बाजपुर और आसपास के क्षेत्रों में अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। देखते ही देखते तेज ओलावृष्टि शुरू हो गई, जिससे खेतों में खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुईं। इस प्राकृतिक आपदा से किसानों के सामने आर्थिक संकट खड़ा होने की आशंका बढ़ गई है।

ओलावृष्टि की सूचना मिलने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने तत्काल प्रभावित क्षेत्र का रुख किया। मुख्यमंत्री उस समय हल्द्वानी से देहरादून लौट रहे थे। किसानों को हुए नुकसान की जानकारी मिलते ही उन्होंने खराब मौसम के बावजूद अपना हेलीकॉप्टर बाजपुर की ओर मोड़ दिया और प्रभावित क्षेत्रों का जायजा लेने पहुंचे।

मुख्यमंत्री धामी ने सबसे पहले हेलीकॉप्टर से ओलावृष्टि प्रभावित क्षेत्रों का हवाई सर्वेक्षण किया। इस दौरान उन्होंने खेतों में हुए नुकसान और प्रभावित इलाकों की स्थिति का अवलोकन किया। इसके बाद मुख्यमंत्री बाजपुर पहुंचे और किसानों के खेतों में जाकर फसलों को हुए नुकसान का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने प्रभावित किसानों से सीधे बातचीत की और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना। किसानों ने मुख्यमंत्री को ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान की जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने किसानों को भरोसा दिलाया कि संकट की इस घड़ी में राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है और हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिए कि ओलावृष्टि से प्रभावित फसलों का तत्काल विस्तृत सर्वेक्षण कराया जाए। उन्होंने कहा कि नुकसान का सही आकलन करना बेहद जरूरी है, ताकि प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत प्रदान की जा सके। उन्होंने इस कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि फसलों के नुकसान के आकलन से लेकर राहत पहुंचाने तक की सभी प्रक्रियाएं समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं। उन्होंने कहा कि किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े और राहत से जुड़ी कार्रवाई में पारदर्शिता बरती जाए। प्रशासन को प्रभावित किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान करने के निर्देश भी दिए गए।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि किसान प्रदेश की अर्थव्यवस्था की महत्वपूर्ण ताकत हैं और उनकी समस्याओं का समाधान सरकार की प्राथमिकता है। प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान की स्थिति में राज्य सरकार किसानों को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने को कहा।

बाजपुर में हुई ओलावृष्टि के बाद प्रभावित किसानों की निगाहें अब प्रशासनिक सर्वेक्षण और सरकारी राहत पर टिकी हैं। फसलों को हुए नुकसान का वास्तविक आंकड़ा विस्तृत सर्वेक्षण के बाद ही सामने आ सकेगा। वहीं मुख्यमंत्री के तत्काल प्रभावित क्षेत्र में पहुंचने और राहत के निर्देश देने से किसानों को सहायता मिलने की उम्मीद जगी है। अब देखना होगा कि प्रशासन कितनी तेजी से नुकसान का आकलन कर प्रभावित किसानों तक राहत पहुंचाता है।