
स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

दिल्ली में 10 अक्टूबर को आयोजित विरोध-प्रदर्शन के मद्देनजर रेल और मेट्रो सेवाओं पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल के नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। रुड़की रेलवे स्टेशन के पास यूकेडी नेताओं ने सरकार के फैसले पर नाराजगी जताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोला।

दिल्ली में सीजेपी के प्रदर्शन को देखते हुए रेलवे ने बड़ी संख्या में ट्रेनों को रद्द किया है। वहीं दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। इन पाबंदियों के कारण दिल्ली आने-जाने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि सभी मेट्रो सेवाएं बंद होने की पुष्टि नहीं हुई है।




इसी मुद्दे को लेकर रुड़की रेलवे स्टेशन के नजदीक उत्तराखंड क्रांति दल के नेताओं ने केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि दिल्ली में प्रस्तावित आंदोलन से सरकार घबराई हुई है और इसी कारण रेल तथा मेट्रो सेवाओं पर पाबंदियां लगाई गई हैं।


यूकेडी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि जिस सरकार के नेता कभी 56 इंच के सीने की बात करते थे, आज वही सरकार जनता के आंदोलन से घबरा रही है। नेताओं ने तंज कसते हुए कहा कि अब 56 इंच का सीना सिकुड़ चुका है और सरकार की हालत खराब हो गई है।


उत्तराखंड क्रांति दल के नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण तरीके से विरोध-प्रदर्शन करने का अधिकार है। उनका आरोप है कि सरकार जनता की आवाज सुनने के बजाय आंदोलन में शामिल होने वाले लोगों की आवाजाही को प्रभावित कर रही है।

यूकेडी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए दावा किया कि अब केंद्र सरकार के जाने का समय नजदीक आ गया है। उन्होंने कहा कि सरकार की कथित मनमानी से देश की जनता परेशान हो चुकी है और आने वाले समय में जनता इसका जवाब देगी।



नेताओं ने आरोप लगाया कि रेल और मेट्रो सेवाओं पर पाबंदियों से केवल प्रदर्शनकारियों को ही नहीं, बल्कि आम यात्रियों, नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और व्यापारियों को भी परेशानी हो रही है। उनका कहना था कि जनता की असुविधा को ध्यान में रखते हुए सरकार को ऐसे फैसलों पर पुनर्विचार करना चाहिए।
वहीं, रेलवे ने ट्रेनों के निरस्तीकरण के पीछे दिल्ली के प्रमुख रेलवे स्टेशनों के आसपास संभावित यातायात जाम और यात्रियों की असुविधा की आशंका का हवाला दिया है। दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी की गई है। दूसरी ओर रुड़की में यूकेडी नेताओं के तीखे बयानों के बाद रेल सेवाओं पर लगाई गई पाबंदियों को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।

