मसूरी शरदोत्सव के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम, कश्मीरी नृत्य और पंजाबी भांगड़े ने मोहा दर्शकों का मन

मसूरी शरदोत्सव के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम, कश्मीरी नृत्य और पंजाबी भांगड़े ने मोहा दर्शकों का मन

स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट

पहाड़ों की रानी मसूरी में आयोजित शरदोत्सव 2026 के दूसरे दिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों और खेलकूद प्रतियोगिताओं की धूम रही। शहर के विभिन्न स्थानों पर आयोजित कार्यक्रमों में स्थानीय लोगों के साथ ही देश-विदेश से आए पर्यटकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान नंदा देवी राजजात नृत्य नाटिका सहित विभिन्न राज्यों की लोक संस्कृति की शानदार झलक देखने को मिली।

शरदोत्सव के दूसरे दिन लंढौर चौक, गढ़वाल टैरेस और गांधी चौक पर रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने अपनी पारंपरिक वेशभूषा और लोकनृत्यों के माध्यम से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। कार्यक्रमों को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक मौजूद रहे।

गढ़वाल टैरेस पर आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में कश्मीर से आए कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। कलाकारों ने प्रसिद्ध कश्मीरी गीत ‘भूमरो भूमरो’ पर शानदार नृत्य प्रस्तुत किया। वहीं पंजाब से आए कलाकारों ने भांगड़ा नृत्य की ऊर्जावान प्रस्तुति देकर कार्यक्रम में उत्साह भर दिया। दर्शकों ने तालियां बजाकर कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ ही शरदोत्सव में खेलकूद प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया गया। सर्वे मैदान में फुटबॉल प्रतियोगिता का शुभारंभ हुआ, जिसमें मसूरी शहर की विभिन्न टीमों ने प्रतिभाग किया। वहीं मसूरी स्नूकर अकादमी में स्नूकर प्रतियोगिता आयोजित की गई। इन प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

कश्मीर से आए कलाकार शब्बीर अहमद ने मसूरी की प्राकृतिक सुंदरता और मौसम की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि मसूरी और कश्मीर के मौसम में काफी समानता है। जितनी खूबसूरत कश्मीर की वादियां हैं, उतनी ही सुंदर मसूरी भी है। उन्होंने कहा कि मसूरी पहुंचकर उन्हें अपने घर कश्मीर जैसा अनुभव हुआ।

शब्बीर अहमद ने बताया कि बारिश के कारण सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू होने में कुछ देरी जरूर हुई, लेकिन खराब मौसम के बावजूद कलाकारों का उत्साह कम नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि कश्मीरी गीत ‘भूमरो भूमरो’ पर प्रस्तुत नृत्य को दर्शकों ने खूब पसंद किया। उनकी टीम मसूरी के अलावा देश के विभिन्न राज्यों में भी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देती रही है।

इस अवसर पर नगर पालिका सभासद गीता कुमाई ने विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खराब मौसम के बावजूद बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और पर्यटक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लेने पहुंचे। कलाकारों की प्रस्तुतियों ने शरदोत्सव को यादगार बना दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से विभिन्न राज्यों की संस्कृति को जानने और समझने का अवसर मिलता है।

सभासद गीता कुमाई ने कहा कि मसूरी में 12 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद शरदोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी, सभी सभासद, अधिशासी अधिकारी और नगर पालिका के कर्मचारी बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह के सांस्कृतिक आयोजन नियमित रूप से होने चाहिए, ताकि स्थानीय कलाकारों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिल सके और देश-विदेश से आने वाले पर्यटक उत्तराखंड की समृद्ध सभ्यता, संस्कृति और लोक परंपराओं से रूबरू हो सकें।