
स्थान : किच्छा, ऊधम सिंह नगर
ब्यूरो रिपोर्ट

किच्छा और सिरौली कलां नगर पालिका चुनाव की मतगणना से पहले राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के कार्यकर्ताओं से लाठी लेकर मतगणना स्थल पर पहुंचने संबंधी बयान के बाद भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। मंगलवार को किच्छा पहुंचे रावत ने मतगणना के दिन कार्यकर्ताओं से सतर्क रहने की अपील की थी।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ के आवास पर पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि मतगणना के दिन बुजुर्ग कार्यकर्ता सहारे के लिए लाठी लेकर पहुंचें और अपने वोट की रक्षा के लिए मुस्तैद रहें। उन्होंने मतगणना को लेकर आशंका भी जताई।


रावत ने सवाल उठाया कि किच्छा और सिरौली कलां की मतगणना में इतना समय क्यों लग रहा है। इससे पहले चुनाव की मतगणना को लेकर मामला हाई कोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। सुप्रीम कोर्ट ने 5 अक्टूबर को मतगणना और परिणाम घोषित करने का रास्ता साफ किया था।


हरीश रावत के बयान पर भाजपा की ओर से प्रदेश प्रवक्ता राजेश शुक्ला ने तीखी प्रतिक्रिया दी। शुक्ला ने कांग्रेस के गांधीवादी होने के दावे पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक तरफ पार्टी अहिंसा की बात करती है, दूसरी ओर उसके वरिष्ठ नेता कार्यकर्ताओं को लाठी लेकर आने की बात कह रहे हैं।


राजेश शुक्ला ने सवाल किया कि क्या इस तरह के बयानों के जरिए मतगणना के माहौल को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया लोकतांत्रिक तरीके से पूरी होनी चाहिए और सभी दलों को संयम बनाए रखना चाहिए।

भाजपा प्रवक्ता ने पार्टी कार्यकर्ताओं से भी शांति और संयम बरतने की अपील की। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यदि कांग्रेस कार्यकर्ता लाठी लेकर आते हैं तो भाजपा कार्यकर्ता फूल लेकर जाएंगे।



मतगणना से पहले दोनों दलों के नेताओं की बयानबाजी से किच्छा की सियासत और गरमा गई है। इससे पहले भी मतगणना में देरी को लेकर कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता रहा है। किच्छा और सिरौली कलां में 22 सितंबर को मतदान हुआ था।
अब मतगणना के बीच ‘लाठी बनाम फूल’ की यह बयानबाजी राजनीतिक चर्चा का विषय बन गई है। प्रशासन के सामने भी मतगणना प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने की चुनौती है, जबकि दोनों दलों के कार्यकर्ताओं की निगाहें चुनाव परिणाम पर टिकी हुई हैं।

