
स्थान : चमोली
रिपोर्टर : विनोद पांडे

साइबर सुरक्षा जन-जागरूकता अभियान के तहत कर्णप्रयाग और पोखरी में पुलिस ने युवाओं तथा छात्र-छात्राओं के लिए जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इस दौरान उन्हें ऑनलाइन ठगी के नए तरीकों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी गई।

कर्णप्रयाग पुलिस ने यूथ फिजिकल एकेडमी कर्णप्रयाग में सेना भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं से संवाद किया। वहीं पोखरी पुलिस ने राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) पोखरी में तकनीकी प्रशिक्षण ले रहे छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया।



पुलिस टीम ने बताया कि साइबर अपराधी फर्जी नौकरी, लोन और लॉटरी का झांसा देकर लोगों को ठगी का शिकार बना रहे हैं। इसके अलावा फर्जी कस्टमर केयर, यूपीआई फ्रॉड और अनजान नंबरों से आने वाली कॉल के जरिए भी धोखाधड़ी की जा रही है।


कार्यक्रम में युवाओं को बल्क एसएमएस, संदिग्ध लिंक, एपीके फाइल और सोशल मीडिया पर बनाई जाने वाली फर्जी फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स आईडी के जरिए होने वाली ठगी के तरीकों के बारे में भी बताया गया।



पुलिस ने युवाओं से जल्द पैसा कमाने या नौकरी दिलाने के नाम पर मिलने वाले संदिग्ध ऑफर पर भरोसा नहीं करने की अपील की। किसी भी ऑनलाइन ऑफर या व्यक्ति की सत्यता की जांच किए बिना आर्थिक लेन-देन नहीं करने की सलाह दी गई।

युवाओं को अनजान लिंक पर क्लिक न करने, संदिग्ध एपीके फाइल डाउनलोड नहीं करने और ओटीपी, पिन, पासवर्ड तथा बैंकिंग से जुड़ी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने को कहा गया। सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा करते समय भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई।




पुलिस टीम ने बताया कि साइबर ठगी होने की स्थिति में शुरुआती समय बेहद महत्वपूर्ण होता है। ठगी का पता चलते ही तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की जानकारी दी गई, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

कार्यक्रम के दौरान युवाओं को साइबर अपराध से संबंधित शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया और संबंधित ऑनलाइन पोर्टल के बारे में भी जानकारी दी गई। पुलिस ने युवाओं से स्वयं सतर्क रहने के साथ अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की।

