भट्टा क्यारकुली में अवैध निर्माण, पेड़ कटान और खनन पर ग्राम प्रधान ने उठाए सवाल

भट्टा क्यारकुली में अवैध निर्माण, पेड़ कटान और खनन पर ग्राम प्रधान ने उठाए सवाल

स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट

ग्रामसभा भट्टा क्यारकुली क्षेत्र में कथित अवैध निर्माण, पेड़ों के कटान और अवैध खनन को लेकर ग्राम प्रधान ने संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्र में नियमों के विपरीत गतिविधियां बढ़ रही हैं, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।

ग्राम प्रधान का कहना है कि स्थानीय ग्रामीणों को अपने घर बनाने के लिए कई तरह की प्रक्रियाओं और दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, जबकि बाहरी लोगों से जुड़े व्यावसायिक निर्माण तेजी से सामने आ रहे हैं। उन्होंने इस स्थिति पर नाराजगी जताई है।

ग्राम प्रधान के अनुसार इस संबंध में मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) को लिखित शिकायत भी दी गई थी। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई और निर्माण गतिविधियां लगातार जारी हैं।

उन्होंने कहा कि विभागीय स्तर पर नियमित और प्रभावी निगरानी नहीं होने के कारण क्षेत्र में कथित अवैध निर्माण बढ़ रहे हैं। ग्राम प्रधान ने ऐसे निर्माणों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।

वहीं वन क्षेत्र में पेड़ों के कटान को लेकर भी उन्होंने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। ग्राम प्रधान का दावा है कि कई स्थानों पर सुबह तक दिखाई देने वाले पेड़ शाम तक गायब मिलते हैं। उन्होंने इस तरह के मामलों में निगरानी बढ़ाने की मांग की।

क्षेत्र में कथित अवैध खनन को लेकर भी ग्राम प्रधान ने खनन विभाग से कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि संबंधित विभागों को संयुक्त रूप से निरीक्षण कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कदम उठाना चाहिए।

मामले को लेकर भाजपा प्रवक्ता रविंद्र जुगरान ने भी अधिकारियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार या अनियमितता के आरोपों से जुड़े मामलों में अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए और दोष पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

रविंद्र जुगरान ने जरूरत पड़ने पर न्यायालय का रुख करने की बात भी कही। ग्राम प्रधान और जुगरान की ओर से लगाए गए आरोपों के बाद अब एमडीडीए, वन विभाग, खनन विभाग और प्रशासन की कार्रवाई पर नजर रहेगी। फिलहाल संबंधित विभागों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।