कैंची धाम के भीषण जाम पर करन माहरा ने दी आंदोलन की चेतावनी

कैंची धाम के भीषण जाम पर करन माहरा ने दी आंदोलन की चेतावनी

स्थान : रानीखेत
रिपोर्टर : संजय जोशी

कैंची धाम क्षेत्र में लगातार लग रहे भीषण जाम को लेकर कांग्रेस के सीडब्ल्यूसी सदस्य और पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा है। उन्होंने चेतावनी दी कि जल्द समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो कांग्रेस आम जनता और होटल एसोसिएशन के साथ मिलकर आंदोलन तेज करेगी।

रानीखेत स्थित कांग्रेस कार्यालय में पत्रकार वार्ता के दौरान करन माहरा ने कहा कि कैंची धाम में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसके अनुरूप यातायात व्यवस्था विकसित नहीं की गई। उन्होंने कहा कि यह समस्या अब नई नहीं है और लंबे समय से स्थानीय लोग तथा पर्यटक इससे परेशान हैं।

माहरा ने कहा कि कैंची धाम में लगने वाला जाम अब केवल इसी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहा। इसका असर रानीखेत, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और बागेश्वर की ओर जाने वाले मार्गों पर भी देखने को मिल रहा है, जिससे पर्वतीय क्षेत्रों की यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

उन्होंने कहा कि जाम की सबसे गंभीर मार मरीजों और आपातकालीन सेवाओं पर पड़ रही है। कई बार एंबुलेंस लंबे समय तक जाम में फंस जाती हैं, जिससे मरीजों को समय पर उपचार मिलने में बाधा पैदा हो सकती है।

करन माहरा ने सरकार से कैंची धाम क्षेत्र में वैकल्पिक मार्ग और बाईपास निर्माण की मांग की। इसके साथ ही पर्याप्त पार्किंग व्यवस्था, अतिरिक्त यातायात पुलिस की तैनाती और स्थायी ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान लागू करने की जरूरत बताई।

उन्होंने कहा कि यदि सरकार और प्रशासन ने जल्द ठोस कदम नहीं उठाए तो कांग्रेस होटल एसोसिएशन और स्थानीय जनता के सहयोग से आंदोलन करेगी। उन्होंने कहा कि इस मुद्दे को लेकर व्यापक जनसमर्थन जुटाया जाएगा।

माहरा ने यह भी कहा कि आवश्यकता पड़ने पर जनता के सहयोग से बाईपास निर्माण की दिशा में कदम उठाने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन आंदोलन को रोकने का प्रयास करता है तो इसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

करन माहरा ने कहा कि कैंची धाम धार्मिक आस्था के साथ-साथ पहाड़ के पर्यटन का भी महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में सरकार को श्रद्धालुओं, स्थानीय लोगों, मरीजों और आपातकालीन सेवाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालिक और प्रभावी यातायात योजना तैयार करनी चाहिए।