मुख्यमंत्री धामी बोले—वरिष्ठजनों के सम्मान का दिन, 9.92 लाख लाभार्थियों के खातों में भेजी गई करीब 149 करोड़ रुपये पेंशन

मुख्यमंत्री धामी बोले—वरिष्ठजनों के सम्मान का दिन, 9.92 लाख लाभार्थियों के खातों में भेजी गई करीब 149 करोड़ रुपये पेंशन

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस के अवसर पर राजधानी देहरादून के हिमालय संस्कृति केंद्र, नींबूवाला गढ़ी कैंट में ‘पीढ़ियों का कारवां’ कार्यक्रम आयोजित किया गया। समाज कल्याण विभाग की ओर से आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और समाज कल्याण मंत्री खजान दास मुख्य रूप से मौजूद रहे।

‘पीढ़ियों का कारवां’ अभियान का उद्देश्य नई और पुरानी पीढ़ी के बीच संवाद, सम्मान और आत्मीयता को बढ़ावा देना है। इससे पहले भी इस अभियान के तहत युवाओं और वरिष्ठजनों की सहभागिता से विभिन्न कार्यक्रम और प्रतियोगिताएं आयोजित की गई थीं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय वृद्धजन दिवस वरिष्ठजनों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता प्रकट करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि बुजुर्गों के अनुभव, संस्कार और जीवन मूल्य नई पीढ़ी के लिए महत्वपूर्ण मार्गदर्शन का काम करते हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि समाज कल्याण विभाग की ओर से करीब 149 करोड़ रुपये की पेंशन राशि 9 लाख 92 हजार लाभार्थियों के खातों में सीधे ट्रांसफर की गई है। उन्होंने इसे वरिष्ठजनों और अन्य पात्र लाभार्थियों के सामाजिक सुरक्षा से जोड़कर देखा।

धामी ने दिव्यांग छात्र-छात्राओं के लिए कोचिंग व्यवस्था और एनआईवीएच से जुड़े बच्चों के लिए सहायता राशि जारी किए जाने की भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सरकार समाज के जरूरतमंद और कमजोर वर्गों के लिए विभिन्न योजनाओं के माध्यम से सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास कर रही है।

समाज कल्याण मंत्री खजान दास ने कहा कि बुजुर्गों का आशीर्वाद परिवार और समाज दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने वरिष्ठजनों की सेवा और उनके सम्मान को भारतीय संस्कृति की महत्वपूर्ण परंपरा बताया।

खजान दास ने वृद्धाश्रमों की बढ़ती संख्या को लेकर चिंता व्यक्त करते हुए युवाओं से अपने माता-पिता और वरिष्ठजनों की जिम्मेदारी स्वयं निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि परिवार में बुजुर्गों को सम्मान और अपनापन मिलना चाहिए।

कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठजनों के अनुभवों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने और पीढ़ियों के बीच जुड़ाव मजबूत करने पर जोर दिया गया। ‘पीढ़ियों का कारवां’ अभियान को भी इसी उद्देश्य से चलाया जा रहा है, ताकि युवा वरिष्ठजनों के जीवन अनुभव और मूल्यों से सीख सकें।