छावनी इंटर कॉलेज सभागार में सजी काव्य संध्या, हिंदी की महिमा से लेकर पहाड़ की नारी और पर्यावरण तक गूंजे स्वर

छावनी इंटर कॉलेज सभागार में सजी काव्य संध्या, हिंदी की महिमा से लेकर पहाड़ की नारी और पर्यावरण तक गूंजे स्वर

रिपोर्टर : संजय जोशी
स्थान : रानीखेत

छावनी परिषद की ओर से हिंदी पखवाड़े के तहत बुधवार देर शाम छावनी इंटर कॉलेज सभागार में कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कवि और कवयित्रियों ने समकालीन मुद्दों, मानवीय संवेदनाओं, जीवन के यथार्थ और सामाजिक कुरीतियों पर आधारित रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को देर तक बांधे रखा।

कवयित्री ज्योति साह ने नई पीढ़ी को संघर्ष के बीच आगे बढ़ने का संदेश दिया, जबकि विमल सती ने रावण के प्रतीक के माध्यम से मनुष्य के भीतर मौजूद विकारों पर प्रहार किया। उन्होंने अपनी चर्चित रचना ‘मां का चूल्हा’ भी सुनाई। दिनेश तिवारी ने अपनी कविता के जरिए जीवन में ऊंचाई हासिल करने के बाद भी अपनी जड़ों और अपनों को याद रखने का संदेश दिया।

देवकीनंदन कांडपाल ने कविराज पं. रामदत्त पंत को अपनी रचना के माध्यम से श्रद्धांजलि अर्पित की। कृष्ण कुमार सती ने विशिष्ट व्यक्तित्व वाले लोगों पर रचना प्रस्तुत की, जबकि ललित मोहन तिवारी ने हिंदी भाषा के प्रति सम्मान और समर्पण को अपनी कविता में अभिव्यक्त किया।

बाल कवयित्री सृष्टि नेगी ने ‘हिंदी है भारत की शान’ के माध्यम से हिंदी भाषा की महत्ता को रेखांकित किया। गीता जोशी ने रानीखेत के प्राकृतिक सौंदर्य को शब्दों में पिरोया, जबकि डॉ. विनीता खाती ने मन की संवेदनाओं को लेखनी के माध्यम से अभिव्यक्त किया।

उमा जोशी ने हिंदी को रस, छंद और अभिव्यक्ति का समृद्ध आधार बताते हुए कविता प्रस्तुत की। नेहा माहरा ने जीवन के अकेलेपन और अध्यात्म को अपनी रचना का विषय बनाया। राजेन्द्र पंत ने पहाड़ की श्रमसाध्य महिलाओं को समर्पित कविता में उनके संघर्ष और जीवन की कठिनाइयों को उकेरा।

जयश्री साह ने उत्तराखंड की पहचान, इमराना परवीन ने चिट्ठी और मोबाइल के बदलते दौर, गीता पवार ने भारत माता के वंदन और प्रीति पंत ने नेताओं की दुश्वारियों को अपनी रचनाओं में स्थान दिया। सतीश चंद्र पाण्डे ने सेना के शौर्य और नरेश चंद्र ने सच से दूर होते समाज पर काव्य पाठ किया।

मेघा जोशी ने कर्मपथ पर आगे बढ़ने का आह्वान किया, कुणाल ने वर्षा ऋतु और आनंद अग्रवाल ने यातायात एवं पर्यावरण जैसे विषयों को अपनी रचनाओं से छुआ। सीमा भाकुनी ने नज़्म और अनिल अंश ने ग़ज़ल प्रस्तुत कर कार्यक्रम में अलग रंग भरा।

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि छावनी परिषद के नामित सदस्य मोहन नेगी रहे। अध्यक्षता साहित्यकर्मी विमल सती ने की, जबकि संचालन छावनी परिषद के राजस्व अधीक्षक राजेन्द्र प्रसाद पंत ने किया। इस अवसर पर स्वच्छता अधीक्षक ए.पी. सिंह, वन क्षेत्राधिकारी कमल फर्त्याल, दीप त्रिपाठी, उमेश चन्द्र जोशी, दीपक पंत, अशोक पंत, गौरव भट्ट, दीपक बिष्ट, रश्मि बिष्ट सहित बड़ी संख्या में साहित्य प्रेमी मौजूद रहे।