
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर आयोजित ‘सेवा, संकल्प और समर्पण’ कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत उत्तराखंड में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए नई पहल शुरू की गई है। देहरादून के झाझरा स्थित आईटीआई-दून संस्कृति स्कूल में ‘उत्तराखंड चिल्ड्रन विद डिसेबिलिटी मैपिंग कैंपेन’ का शुभारंभ किया गया।

अभियान का उद्देश्य प्रदेश में विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान और मैपिंग कर उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य, पुनर्वास तथा केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना है। इसके माध्यम से बच्चों की जरूरतों का आकलन कर उन्हें आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।


अभियान का शुभारंभ उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) ने किया। उन्होंने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले प्रत्येक बच्चे तक पहुंच बनाना और उन्हें आगे बढ़ने के समान अवसर उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।


राज्यपाल ने कहा कि ऐसे बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य और पुनर्वास की सुविधाएं समय पर मिलनी चाहिए। उन्होंने विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार, संस्थाओं और समाज को मिलकर काम करने पर जोर दिया।


कार्यक्रम की अध्यक्षता कैबिनेट मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने की। इस अवसर पर विद्यालयी शिक्षा की महानिदेशक अलंकिशा कोंडे समेत शिक्षा विभाग के अधिकारी और अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।

आयोजकों के मुताबिक अभियान के तहत दिव्यांग बच्चों की पहचान कर उनकी जरूरत के अनुसार आवश्यक सेवाओं से जोड़ा जाएगा। जरूरतमंद बच्चों को शैक्षणिक सहायता, स्वास्थ्य सुविधाएं, पुनर्वास सेवाएं और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में काम किया जाएगा।



अभियान के दौरान बच्चों के अभिभावकों को भी उपलब्ध सरकारी सहायता, अधिकारों और सुविधाओं के बारे में जागरूक किया जाएगा। प्रयास रहेगा कि जानकारी के अभाव में कोई भी पात्र बच्चा आवश्यक सुविधाओं और योजनाओं से वंचित न रहे।

झाझरा में एक सेंटर के रूप में इस अभियान की शुरुआत की गई है। अभियान का लक्ष्य विशेष आवश्यकता वाले प्रत्येक बच्चे तक पहुंच बनाकर उसे जरूरी सहयोग उपलब्ध कराना और शिक्षा, स्वास्थ्य तथा पुनर्वास के माध्यम से समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है।

