उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे 179 ट्रैकर्स-माउंटेनियर्स, सीएम धामी ने रेस्क्यू अभियान की समीक्षा की

उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे 179 ट्रैकर्स-माउंटेनियर्स, सीएम धामी ने रेस्क्यू अभियान की समीक्षा की

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे ट्रैकर्स और माउंटेनियर्स के राहत एवं बचाव अभियान की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से अलग-अलग क्षेत्रों की स्थिति और अब तक हुई कार्रवाई की विस्तृत जानकारी ली।

अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि विभिन्न उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कुल 179 लोग फंसे हुए हैं। इनमें 136 लोग उत्तरकाशी जिले के अलग-अलग ट्रैकिंग क्षेत्रों में हैं, जबकि 43 लोग बागेश्वर जिले के पिंडारी क्षेत्र में बताए गए हैं।

उत्तरकाशी क्षेत्र में अब तक 40 लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार कुछ अन्य ट्रैकर्स सुरक्षित स्थानों पर हैं और 40 लोगों ने फिलहाल तत्काल रेस्क्यू कराने से इनकार किया है।

शेष लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए मंगलवार सुबह छह बजे से राहत एवं बचाव अभियान फिर शुरू किया जाएगा। खराब मौसम और दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों के कारण अभियान को चरणबद्ध तरीके से संचालित किया जा रहा है।

रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए आठ हेलीकॉप्टर तैनात किए गए हैं। किसी भी चिकित्सकीय आपात स्थिति से निपटने के लिए हेली एंबुलेंस को भी स्टैंडबाय पर रखा गया है।

मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मौसम और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उपलब्ध सभी संसाधनों का प्रभावी उपयोग किया जाए। उन्होंने प्रशासन, पुलिस, एसडीआरएफ और अन्य एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों में फंसे प्रत्येक व्यक्ति की सुरक्षित वापसी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने रेस्क्यू टीमों को पूरी सतर्कता के साथ अभियान संचालित करने और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने चारधाम यात्रा की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, यातायात और स्वच्छता व्यवस्था को लगातार बेहतर बनाए रखने को कहा।

सीएम धामी ने चारधाम सहित प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों के लिए दीर्घकालिक सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लान तैयार करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि तीर्थयात्रा और पर्यटन के बढ़ते दबाव के बीच स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की स्थायी व्यवस्था विकसित करना जरूरी है।