जसपुर के भरतपुर में बहुउद्देशीय शिविर, करीब 130 शिकायतें पहुंचीं; व्यवस्थाओं पर भी उठे सवाल

जसपुर के भरतपुर में बहुउद्देशीय शिविर, करीब 130 शिकायतें पहुंचीं; व्यवस्थाओं पर भी उठे सवाल

स्थान : जसपुर
रिपोर्टर : प्रदीप श्रीवास्तव

सेवा संकल्प अभियान के तहत न्याय पंचायत भरतपुर के पंचायत भवन में ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ बहुउद्देशीय शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को एक ही स्थान पर विभिन्न सरकारी योजनाओं की जानकारी और उनकी समस्याओं के निस्तारण की सुविधा उपलब्ध कराना रहा।

कार्यक्रम में आपदा प्रबंधन विभाग के उपाध्यक्ष विनय रोहेला मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इसके साथ ही कृषि, समाज कल्याण, बाल विकास, विकासखंड, खाद्य आपूर्ति, स्वास्थ्य सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी शिविर में मौजूद रहे।

शिविर में मुख्य कृषि अधिकारी बीके यादव, जिला समाज कल्याण अधिकारी अनिरुद्ध, सीडीपीओ नेहा बेलवाल, खंड विकास अधिकारी कमलेश कुमार कांडपाल, खाद्य पूर्ति अधिकारी मुकुल गर्जोला और चिकित्सक डॉ. धीरेंद्र मोहन गहलोत सहित कई विभागीय अधिकारियों ने लोगों की समस्याएं सुनीं।

इसके अलावा काशीपुर भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज पाल सिंह, हुनर परिषद के उपाध्यक्ष डॉ. यूनुस चौधरी, जिला पंचायत सदस्य चरनजीत सिंह चन्नी, जसपुर ब्लॉक प्रमुख अनूप कौर, नगर पंचायत गढ़ीनेगी की अध्यक्ष सहित कई जनप्रतिनिधि भी कार्यक्रम में मौजूद रहे।

शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी शिकायतें और समस्याएं लेकर पहुंचे। अधिकारियों के अनुसार करीब 130 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किए जाने की बात कही गई।

हालांकि शिविर की व्यवस्थाओं को लेकर भी शिकायतें सामने आईं। बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने के कारण कई फरियादियों को बैठने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिल सकी और शिकायत दर्ज कराने के लिए भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ा।

कुछ शिकायतकर्ताओं का कहना था कि संबंधित अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने के लिए उन्हें काफी इंतजार करना पड़ा। भीड़ अधिक होने के कारण अलग-अलग विभागों के काउंटरों तक पहुंचने में भी परेशानी हुई।

सेवा संकल्प अभियान के तहत जिले में अलग-अलग स्थानों पर ऐसे बहुउद्देशीय शिविर लगाए जा रहे हैं, जिनमें सरकारी योजनाओं की जानकारी, लाभार्थी चयन, चिकित्सा सुविधा और विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याओं का समाधान करने का प्रयास किया जा रहा है।

भरतपुर में आयोजित शिविर में जहां बड़ी संख्या में शिकायतों के निस्तारण का दावा किया गया, वहीं व्यवस्थाओं में सामने आई कमियों ने भविष्य के शिविरों में बेहतर भीड़ प्रबंधन, बैठने की व्यवस्था और शिकायत पंजीकरण प्रणाली की जरूरत भी सामने रखी है।