लंढौरा हादसे के बाद परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 35 ई-रिक्शा सीज और 20 के चालान

लंढौरा हादसे के बाद परिवहन विभाग की बड़ी कार्रवाई, 35 ई-रिक्शा सीज और 20 के चालान

स्थान : रुड़की
ब्यूरो रिपोर्ट

मंगलौर कोतवाली क्षेत्र के लंढौरा के समीप नगला इमरती के पास हुए दर्दनाक ई-रिक्शा हादसे के बाद परिवहन विभाग हरकत में आ गया है। हादसे के अगले ही दिन क्षेत्र में ई-रिक्शा वाहनों के खिलाफ व्यापक चेकिंग अभियान चलाया गया।

परिवहन प्रशासन रुड़की की टीम ने एआरटीओ प्रवर्तन कृष्ण चंद्र पलाडिया के नेतृत्व में सड़कों पर दौड़ रहे ई-रिक्शा की सघन जांच की। विभाग ने विशेष रूप से ओवरलोडिंग और बिना जरूरी दस्तावेजों के संचालित वाहनों पर कार्रवाई की।

चेकिंग के दौरान कई ई-रिक्शा में निर्धारित क्षमता से अधिक सवारियां बैठी मिलीं। इसके अलावा फिटनेस प्रमाण पत्र, ड्राइविंग लाइसेंस, पैसेंजर टैक्स और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की भी जांच की गई।

अभियान के दौरान नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कुल 35 ई-रिक्शा को तत्काल प्रभाव से सीज किया गया। वहीं 20 अन्य ई-रिक्शा का विभिन्न यातायात नियमों के उल्लंघन में चालान किया गया।

एक साथ बड़ी संख्या में वाहनों पर कार्रवाई होने से नियमों की अनदेखी कर वाहन चला रहे चालकों और वाहन स्वामियों में हड़कंप की स्थिति रही। परिवहन विभाग की टीमें अलग-अलग स्थानों पर जांच करती नजर आईं।

ई-रिक्शा में क्षमता से अधिक सवारी बैठाने की समस्या को स्थानीय स्तर पर पहले भी उठाया जाता रहा है। यात्रियों की सुरक्षा को लेकर विभाग को भी इस संबंध में शिकायतें और सूचनाएं दी गई थीं।

एआरटीओ प्रवर्तन कृष्ण चंद्र पलाडिया ने कहा कि सड़क सुरक्षा और यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि ओवरलोडिंग, बिना फिटनेस, बिना लाइसेंस या वैध दस्तावेजों के वाहन चलाने वालों के खिलाफ चालान के साथ वाहन सीज करने जैसी कार्रवाई भी की जाएगी।

लंढौरा क्षेत्र में हुए हादसे के बाद शुरू हुए इस अभियान ने ई-रिक्शा संचालन और सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े किए हैं। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि परिवहन विभाग की यह कार्रवाई आगे नियमित रूप से जारी रहती है या नहीं।