
स्थान : हरिद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

नगर निगम बोर्ड की बैठक पुराने प्रस्तावों को लेकर हंगामेदार रही। कांग्रेस पार्षदों ने पूर्व की बैठकों में पारित प्रस्तावों और उनकी स्थिति को लेकर सवाल उठाते हुए जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

बैठक शुरू होने के बाद कांग्रेस पार्षदों ने पुराने प्रस्तावों पर निगम प्रशासन से जवाब मांगा। उनका आरोप था कि कई प्रस्तावों को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई और पार्षदों को समुचित जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई गई।


विरोध के दौरान कांग्रेस पार्षदों ने जमकर नारेबाजी की। इससे बैठक का माहौल गरमा गया और कुछ समय के लिए कार्यवाही प्रभावित हुई।


कांग्रेस पार्षदों ने अपना विरोध दर्ज कराने के लिए पुरानी बैठक से जुड़े प्रस्तावों की प्रतियां भी जलाईं। उन्होंने इसे निगम प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ प्रतीकात्मक प्रदर्शन बताया।



पार्षदों का कहना था कि बोर्ड बैठक में पारित प्रस्तावों पर आगे क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी सदस्यों को दी जानी चाहिए। उन्होंने पुराने प्रस्तावों की प्रगति और क्रियान्वयन को लेकर स्पष्ट जवाब की मांग की।
हंगामे के बीच निगम अधिकारियों और अन्य जनप्रतिनिधियों ने स्थिति संभालने की कोशिश की। बैठक को आगे बढ़ाने और सदन की कार्यवाही सामान्य रखने के प्रयास किए गए।




कांग्रेस पार्षदों के विरोध के कारण बैठक में कई बार तीखी नोकझोंक की स्थिति बनी। पुराने प्रस्तावों को लेकर सवाल-जवाब के बीच माहौल लगातार तनावपूर्ण बना रहा।
विपक्षी पार्षदों ने कहा कि नगर निगम से जुड़े महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर पारदर्शिता जरूरी है और बोर्ड सदस्यों को उनकी वर्तमान स्थिति से अवगत कराया जाना चाहिए।
बैठक में हुए हंगामे के बाद पुराने प्रस्तावों और उनके क्रियान्वयन का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में आ गया है। अब निगाह इस बात पर रहेगी कि निगम प्रशासन कांग्रेस पार्षदों की आपत्तियों और सवालों पर क्या जवाब देता है।

