
स्थान : विकासनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

तहसील क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 90 बीघा भूमि पर विकसित की जा रही प्लाटिंग को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई शुरू होते ही अवैध प्लाटिंग से जुड़े कारोबारियों में हड़कंप मच गया।

प्रशासन की कार्रवाई शेरपुर क्षेत्र से शुरू हुई और इसके बाद हिंदूवाला, जाटोंवाला माजरी तथा ईस्ट होप टाउन तक पहुंची। अलग-अलग स्थानों पर बिना स्वीकृति विकसित की जा रही प्लाटिंग को चिह्नित कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।


एसडीएम विनोद कुमार के नेतृत्व में तहसील प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और जेसीबी मशीनों की मदद से रास्ते, प्लॉटों की सीमांकन संरचनाएं तथा अन्य निर्माण हटाए गए।


प्रशासन के मुताबिक जांच के दौरान कुछ मामलों में गोल्डन फॉरेस्ट, नदी श्रेणी और ग्राम समाज की भूमि से जुड़े प्रकरण भी सामने आए हैं। इन मामलों की अलग से जांच और अभिलेखों की पड़ताल की जा रही है।


अधिकारियों का कहना है कि सरकारी, ग्राम समाज और अन्य प्रतिबंधित श्रेणी की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या प्लाटिंग बर्दाश्त नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

ध्वस्तीकरण अभियान के दौरान नायब तहसीलदार समेत राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा।




प्रशासन की टीम ने कई स्थानों पर मौके का निरीक्षण कर भूमि की स्थिति और राजस्व अभिलेखों का मिलान भी किया। जिन स्थानों पर अनियमितताएं मिलीं, वहां तत्काल कार्रवाई की गई।

करीब 90 बीघा भूमि पर हुई इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग से जुड़े लोगों में हलचल रही। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि आगे भी तहसील क्षेत्र में अवैध प्लाटिंग के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
एसडीएम विनोद कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि संदिग्ध प्लाटिंग और सरकारी भूमि से जुड़े मामलों पर लगातार नजर रखी जाए और नियमों का उल्लंघन मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए।

