
स्थान : रामगढ़
ब्यूरो रिपोर्ट

लंबे समय से खराब पड़े तल्ला रामगढ़ से झुतिया, हली होते हुए कैंचीधाम तक मोटर मार्ग के सुधारीकरण और डामरीकरण कार्य का शुभारंभ किया गया। सड़क की खराब हालत के कारण ग्रामीणों, किसानों और पर्यटकों को आवागमन में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।

स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर मंत्री राम सिंह कैड़ा से मोटर मार्ग पर डामरीकरण कराए जाने की मांग की थी। ग्रामीणों का कहना था कि सड़क खराब होने से रोजमर्रा की आवाजाही के साथ कृषि उपज के परिवहन और पर्यटन गतिविधियों पर भी असर पड़ रहा है।



मंत्री राम सिंह कैड़ा ने बताया कि क्षेत्रवासियों की समस्या को देखते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को मोटर मार्ग के सुधारीकरण की डीपीआर तैयार कर शासन को भेजने के निर्देश दिए गए थे। इसके साथ ही उन्होंने मुख्यमंत्री से भी इस मार्ग के लिए धनराशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया था।

शासन से तल्ला रामगढ़-झुतिया-हली-कैंचीधाम मोटर मार्ग के डामरीकरण और सुधारीकरण के लिए 5 करोड़ 28 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत होने के बाद शुक्रवार को कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया।



इस दौरान मंत्री कैड़ा ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को कार्य में गुणवत्ता बनाए रखने और निर्धारित समय के भीतर डामरीकरण का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मंत्री कैड़ा ने कहा कि भीमताल विधानसभा क्षेत्र के ओखलकांडा, धारी, रामगढ़ और भीमताल ब्लॉक में क्षतिग्रस्त सड़कों के सुधारीकरण और डामरीकरण का काम लगातार कराया जा रहा है। क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर करना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल है।




उन्होंने कहा कि सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत समस्याओं का समाधान कराने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर बुनियादी सुविधाओं से जोड़ने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम चल रहा है।

सड़क सुधारीकरण कार्य शुरू होने पर स्थानीय लोगों ने खुशी जताई। ग्रामीणों का कहना है कि मार्ग बेहतर होने से स्थानीय लोगों के साथ ही किसानों और कैंचीधाम की ओर आने-जाने वाले पर्यटकों को भी राहत मिलेगी।
इस अवसर पर राज्य मंत्री देवेंद्र ढेला, मंडल अध्यक्ष अंकित पांडेय, कुंदन चिलवाल, देवेंद्र बिष्ट सहित ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।

