
स्थान : चमोली
रिपोर्टर : विनोद पांडे

प्रसिद्ध मां नन्दा जात यात्रा के अंतर्गत परगना बधाण की देव डोली अपनी वापसी यात्रा के महत्वपूर्ण पड़ावों से होते हुए सिद्धपीठ धाम देवराड़ा पहुंची। इससे पहले डोली के भेंटा गांव पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने पारंपरिक ढंग से स्वागत किया और पूरा क्षेत्र मां नन्दा के जयकारों से गूंज उठा।

भेंटा में स्थानीय ग्रामीणों, मां नन्दा देवी के थोकदारों और श्रद्धालुओं ने पुलिस अधीक्षक चमोली सुरजीत सिंह पंवार सहित अन्य पुलिस अधिकारियों का फूल-मालाओं से स्वागत किया। पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों ने मां नन्दा के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की तथा जनपद में सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।



इस दौरान चमोली पुलिस की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण भी किया गया। पुलिस अधीक्षक और अन्य अधिकारियों ने स्वयं श्रद्धालुओं को प्रसाद बांटा। धार्मिक यात्रा के दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच सहयोग और समन्वय भी देखने को मिला।


मां नन्दा जात यात्रा के दौरान हजारों श्रद्धालुओं की सुरक्षित आवाजाही, यातायात व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई थी। दुर्गम मार्गों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच पुलिसकर्मी विभिन्न पड़ावों पर लगातार ड्यूटी में जुटे रहे।



यात्रा के दौरान जिम्मेदारी के साथ ड्यूटी निभाने वाले अधिकारियों को भी सम्मानित किया गया। पुलिस अधीक्षक चमोली ने अपर पुलिस अधीक्षक आशीष भारद्वाज और पुलिस उपाधीक्षक सुशील रावत को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर उनके कार्यों की सराहना की।

केन्द्रीय समिति श्री मां नन्दा देवी राजराजेश्वरी नंदाक बधांण देवराड़ा की ओर से भी यात्रा व्यवस्था में तैनात पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समिति के पदाधिकारियों ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था में पुलिस के सहयोग की सराहना की।




इसके बाद थाना थराली में आयोजित सम्मान समारोह में व्यापार मंडल थराली के पदाधिकारियों ने भी पुलिस अधीक्षक सहित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र एवं मोमेंटो प्रदान किए। पुलिस अधीक्षक ने कहा कि यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने में स्थानीय समितियों, ग्रामीणों, व्यापारियों और आम नागरिकों का सहयोग महत्वपूर्ण रहा।
पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मां नन्दा जात यात्रा जैसे धार्मिक और ऐतिहासिक आयोजन में ड्यूटी केवल प्रशासनिक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं की आस्था और विश्वास की सुरक्षा से जुड़ा दायित्व भी है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में ड्यूटी निभाने वाले पुलिसकर्मियों के कार्यों की सराहना की।

अंतिम चरण में मां नन्दा की डोली सिद्धपीठ धाम देवराड़ा पहुंची, जहां पूजा-अर्चना के साथ यात्रा के इस चरण का भावपूर्ण समापन हुआ। परंपरा के अनुसार यात्रा पूर्ण होने के बाद मां नन्दा छह माह तक अपने ननिहाल सिद्धपीठ देवराड़ा में विराजमान रहेंगी। डोली के पहुंचते ही ढोल-दमाऊं की गूंज और जयकारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।

