
स्थान : मसूरी
ब्यूरो रिपोर्ट

एमपीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव के लिए नामांकन प्रक्रिया के पहले ही दिन चुनावी माहौल गरमा गया। नामांकन पत्रों की प्रारंभिक जांच में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के उपाध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष पद के तीन प्रत्याशियों के नामांकन पत्रों में खामियां मिलने के बाद विवाद खड़ा हो गया।

तीनों नामांकन पत्रों को निरस्त किए जाने की जानकारी सामने आते ही एनएसयूआई समेत अन्य छात्र नेताओं ने कॉलेज परिसर और मुख्य गेट पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों ने चुनाव समिति के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चुनाव प्रक्रिया में निष्पक्षता बनाए रखने की मांग की।



विरोध के दौरान छात्र नेताओं और समर्थकों की भीड़ कॉलेज परिसर में जुट गई। नामांकन प्रक्रिया के बीच अलग-अलग छात्र गुटों के बीच हल्की नोकझोंक भी हुई, जिससे कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण हो गया।

स्थिति बिगड़ती देख कॉलेज प्रशासन और चुनाव समिति के अधिकारियों ने हस्तक्षेप किया। अधिकारियों ने छात्र नेताओं को समझाकर शांत कराया और चुनाव प्रक्रिया को नियमों के अनुसार आगे बढ़ाने का भरोसा दिलाया।



चुनाव अधिकारियों के अनुसार उपाध्यक्ष पद के एबीवीपी प्रत्याशी की आयु 22 वर्ष चार माह पाई गई। अधिकारियों का कहना है कि लिंगदोह समिति की सिफारिशों के तहत निर्धारित अधिकतम आयु सीमा 22 वर्ष होने के कारण नामांकन पत्र में आयु संबंधी आपत्ति सामने आई।

वहीं सचिव और कोषाध्यक्ष पद के प्रत्याशियों के दस्तावेजों की जांच के दौरान शैक्षणिक परिणाम और क्रेडिट बेस्ड सिस्टम से संबंधित कमियां पाई गईं। अधिकारियों के अनुसार संबंधित प्रत्याशियों का परिणाम घोषित न होने और निर्धारित शैक्षणिक शर्तें पूरी न होने की स्थिति सामने आई।



प्रारंभिक जांच के बाद चुनाव समिति ने उपाध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष पद के तीनों नामांकन पत्र निरस्त कर दिए। इस फैसले के बाद विरोध कर रहे छात्र नेताओं ने चुनाव समिति से पूरे मामले की पारदर्शी तरीके से समीक्षा करने की मांग की।
नामांकन के पहले ही दिन हुए इस घटनाक्रम से कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। अब सभी की नजर नामांकन पत्रों की अंतिम स्थिति और चुनाव समिति की आगामी प्रक्रिया पर टिकी हुई है।

