
स्थान : बाजपुर
रिपोर्टर –विशेष चंद्र शर्मा

नियमितीकरण और नई नियुक्तियों की मांग को लेकर नगर पालिका के सफाई कर्मचारियों का आंदोलन एक बार फिर तेज हो गया है। कर्मचारी दोबारा धरने पर बैठ गए हैं और मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।

आंदोलन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी मांगों को लेकर केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि करीब दो महीने पहले उनकी समस्याओं के समाधान का भरोसा दिलाकर आमरण अनशन समाप्त कराया गया था।


कर्मचारियों के मुताबिक उस समय प्रशासन और संबंधित स्तर से दो महीने के भीतर समस्या के समाधान और नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर कार्रवाई का भरोसा दिया गया था। निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से कर्मचारियों में नाराजगी बढ़ गई है।

सफाई कर्मचारियों का कहना है कि बाजपुर नगर पालिका में सफाई कर्मचारियों की आखिरी नियमित नियुक्ति वर्ष 1988-89 के आसपास हुई थी। इसके बाद लंबे समय से नई नियमित नियुक्तियां नहीं होने के कारण मौजूदा कर्मचारियों पर काम का दबाव लगातार बढ़ रहा है।


कर्मचारियों का दावा है कि पर्याप्त संख्या में सफाई कर्मी नहीं होने का असर नगर की सफाई व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। उनका कहना है कि आबादी और क्षेत्र बढ़ने के बावजूद सफाई कर्मचारियों की संख्या में अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं की गई।
अपनी मांगों को लेकर आक्रोशित कर्मचारियों ने सफाई आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना का पुतला फूंककर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कर्मचारियों ने मांगों की अनदेखी किए जाने पर नाराजगी जताई।




आंदोलनकारी कर्मचारियों ने बाजपुर की जनता से भी सफाई कार्य प्रभावित होने को लेकर माफी मांगी है। उनका कहना है कि वे जनता को परेशानी में नहीं डालना चाहते, लेकिन लंबे समय से मांगों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण आंदोलन के लिए मजबूर हैं।

कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक नियमितीकरण और नियुक्ति से जुड़ी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक वे नगर क्षेत्र में सफाई कार्य नहीं करेंगे। कर्मचारियों के इस ऐलान के बाद आंदोलन लंबा खिंचने की संभावना बन गई है।
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहने की स्थिति में आने वाले दिनों में बाजपुर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। अब निगाह इस बात पर है कि कर्मचारियों की मांगों और आंदोलन को लेकर नगर पालिका तथा संबंधित विभाग क्या कदम उठाते हैं।

