
स्थान : बाजपुर
रिपोर्टर : विशेष शर्मा

मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए कथित रूप से फर्जी स्थायी निवास और जाति प्रमाणपत्र तैयार कराने के मामले में प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। राजस्व विभाग की जांच के बाद बाजपुर कोतवाली में नौ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है।

मामले का खुलासा उस समय हुआ जब विभिन्न मेडिकल कॉलेजों से प्रमाणपत्रों के सत्यापन के लिए दस्तावेज बाजपुर तहसील पहुंचे। एसडीएम ऋचा सिंह के निर्देश पर राजस्व उपनिरीक्षक ने संबंधित पतों का स्थलीय सत्यापन कराया।



जांच में सामने आया कि जिन पतों के आधार पर कुछ अभ्यर्थियों के स्थायी निवास और जाति प्रमाणपत्र जारी किए गए थे, वहां संबंधित व्यक्ति निवासरत नहीं पाए गए। ग्राम स्तर पर पूछताछ और सरकारी अभिलेखों के मिलान में भी कई दस्तावेज संदिग्ध मिले।

इसके बाद राशन कार्ड, परिवार रजिस्टर, बिजली बिल, मतदाता सूची, शैक्षिक अभिलेख और अन्य दस्तावेजों का संबंधित विभागों के रिकॉर्ड से मिलान कराया गया। जांच में कथित रूप से गलत पते और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे प्रमाणपत्र बनवाने की बात सामने आई।


प्रशासन ने 23 सितंबर को संबंधित लोगों को तहसील कार्यालय बुलाकर पूछताछ की। एडीएम, एसडीएम, तहसीलदार और राजस्व विभाग के अधिकारियों की मौजूदगी में उनके बयान दर्ज किए गए।

जांच के आधार पर चार लोगों के नाम से जारी स्थायी निवास और जाति प्रमाणपत्र तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिए गए। पुलिस ने राजस्व उपनिरीक्षक की तहरीर पर चार महिलाओं समेत नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।



पूछताछ में प्रमाणपत्र बनवाने के लिए रकम दिए जाने और स्थानीय स्तर पर कुछ लोगों की मदद लिए जाने की बात भी सामने आई है। एक मामले में मेडिकल कॉलेज में प्रवेश के लिए प्रमाणपत्र बनवाने के एवज में 50 हजार रुपये दिए जाने का बयान दर्ज होने की जानकारी है।
जांच के दौरान एक अधिवक्ता की कथित भूमिका का भी उल्लेख सामने आया है। हालांकि उपलब्ध पुलिस रिपोर्टों में संबंधित अधिवक्ता की पहचान स्पष्ट नहीं की गई है। प्रशासन ने दस्तावेजों और जब्त मोबाइल फोन को पुलिस के सुपुर्द कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच करने को कहा है।
प्रशासन का कहना है कि तहसील से पूर्व में जारी अन्य संदिग्ध प्रमाणपत्रों की भी जांच की जा रही है। पूरे मामले में यदि अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

