देहरादून से बाहर जुटेगा धामी मंत्रिमंडल, बनबसा में 4 अक्टूबर को कैबिनेट बैठक

देहरादून से बाहर जुटेगा धामी मंत्रिमंडल, बनबसा में 4 अक्टूबर को कैबिनेट बैठक

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का कामकाज केवल राजधानी देहरादून तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि प्रदेश के हर क्षेत्र तक सरकार की पहुंच होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से सरकार सीमांत, जनजातीय और वाइब्रेंट विलेज क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दे रही है।

इसी कड़ी में चार अक्टूबर को चंपावत जिले के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक प्रस्तावित की गई है। यह पहली बार होगा जब चंपावत जिले में राज्य कैबिनेट की बैठक आयोजित की जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग-अलग क्षेत्रों में जाकर सरकार वहां की स्थानीय जरूरतों और समस्याओं को समझने का प्रयास कर रही है। इससे क्षेत्र विशेष की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर विकास योजनाओं पर चर्चा और निर्णय लेने में मदद मिलेगी।

धामी ने कहा कि सीमांत और जनजातीय क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं, आजीविका, स्वरोजगार और विकास से जुड़े विषयों पर सरकार का विशेष फोकस है। सरकार वाइब्रेंट विलेज क्षेत्रों को भी पर्यटन और स्थानीय रोजगार से जोड़ने पर काम कर रही है।

हाल ही में मुख्यमंत्री ने बदरीनाथ में आयोजित देवभूमि कल्चरल फेस्टिवल के दौरान भी कहा था कि वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के तहत सीमांत क्षेत्रों में सड़क, बिजली, दूरसंचार, पर्यटन और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि इस बार राज्य का जनजातीय महोत्सव भी देहरादून के बजाय बनबसा में आयोजित करने की तैयारी है। उनका कहना है कि इससे जनजातीय समुदायों को अपनी संस्कृति, परंपराओं और सामाजिक विरासत को साझा करने के लिए बड़ा मंच मिलेगा।

उन्होंने कहा कि बनबसा और आसपास के क्षेत्र में थारू समेत विभिन्न जनजातीय समुदायों की मौजूदगी है। प्रस्तावित आयोजन में भोटिया, बुक्सा, जौनसार और राजी क्षेत्रों से जुड़े समुदायों की भागीदारी भी अपेक्षित है।

मुख्यमंत्री का कहना है कि अलग-अलग जनजातीय समुदायों के एक मंच पर आने से सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा और स्थानीय लोगों में भी उत्साह पैदा होगा। इससे जनजातीय संस्कृति और परंपराओं को व्यापक स्तर पर पहचान दिलाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

बनबसा में प्रस्तावित कैबिनेट बैठक के साथ सरकार ने राजधानी से बाहर प्रशासनिक गतिविधियों को ले जाने का संदेश दिया है। बैठक में सीमांत क्षेत्रों, स्थानीय विकास और प्रदेश से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा होने की संभावना है।