
स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना

कुमाऊं के बड़े महाविद्यालयों में शामिल एमबीपीजी कॉलेज में 29 सितंबर को होने वाले छात्रसंघ चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस और कॉलेज प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। चुनाव से पहले प्रत्याशियों और छात्र प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

बैठक में प्रशासन ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रचार और नामांकन के दौरान किसी भी प्रकार की अराजकता, हुड़दंग या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वाली गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी प्रत्याशियों से चुनाव आचार संहिता और निर्धारित नियमों का पालन करने को कहा गया।


प्रशासन की ओर से प्रत्याशियों को निर्देश दिए गए कि नामांकन प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से पूरी की जाए। नामांकन के बाद निकाले जाने वाले जुलूसों के दौरान भी व्यवस्था बनाए रखने और किसी प्रकार का विवाद नहीं करने की हिदायत दी गई।


पुलिस अधिकारियों ने कहा कि प्रत्याशी अपने समर्थकों को भी अनुशासन में रखें। जुलूस के दौरान सड़क पर अव्यवस्था पैदा करने, जबरन रास्ता रोकने या दूसरे प्रत्याशियों के समर्थकों से विवाद करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।



29 सितंबर को होने वाले मतदान को लेकर भी पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि मतदान के दौरान पत्थरबाजी, मारपीट, तोड़फोड़ अथवा अन्य किसी प्रकार का हुड़दंग करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
एमबीपीजी कॉलेज में इस वर्ष करीब 12 हजार छात्र-छात्राओं के मतदान करने की संभावना है। छात्र संख्या अधिक होने के कारण कॉलेज में मतदान सुबह नौ बजे से दोपहर दो बजे तक कराने का कार्यक्रम तय किया गया है।




छात्रसंघ चुनाव से पहले कॉलेज से जुड़े छात्र गुटों के बीच तनाव की घटनाएं भी सामने आ चुकी हैं। हाल ही में दो गुटों के बीच मारपीट, लाठी-डंडे और पत्थरबाजी की घटना में पांच लोगों के घायल होने की खबर सामने आई थी।
इन्हीं घटनाओं को देखते हुए पुलिस प्रशासन चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरत रहा है। कॉलेज परिसर और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस बल की तैनाती के साथ प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की गतिविधियों पर नजर रखने की तैयारी है।

प्रशासन ने सभी प्रत्याशियों और छात्र संगठनों से चुनाव को लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने में सहयोग की अपील की है। बड़ी छात्र संख्या और पूर्व में सामने आए विवादों को देखते हुए एमबीपीजी का छात्रसंघ चुनाव कॉलेज प्रशासन और पुलिस के लिए महत्वपूर्ण सुरक्षा चुनौती भी माना जा रहा है।

