अजीत डोभाल पर राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष ने जताई आपत्ति

अजीत डोभाल पर राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष ने जताई आपत्ति

स्थान : रानीखेत
रिपोर्टर : संजय जोशी

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लेकर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की हालिया टिप्पणी पर भाजपा जिलाध्यक्ष घनश्याम भट्ट ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व से इस मामले में अपना रुख स्पष्ट करने की मांग की है।

राहुल गांधी ने 19 सितंबर को इंदौर में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान देश की सत्ता और संस्थागत व्यवस्था को लेकर कई आरोप लगाए थे। इस दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल समेत कई नामों का उल्लेख किया था।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि डोभाल संचार और नागरिकों से जुड़ी जानकारियों पर निगरानी रखने वाली व्यवस्था का हिस्सा हैं। भाजपा नेताओं ने इन आरोपों को आपत्तिजनक बताते हुए देश के विभिन्न हिस्सों में इसका विरोध किया है।

भाजपा जिलाध्यक्ष घनश्याम भट्ट ने कहा कि अजीत डोभाल ने लंबे समय तक देश की सुरक्षा व्यवस्था में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं और वर्तमान में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने डोभाल को उत्तराखंड का गौरव बताते हुए राहुल गांधी की टिप्पणी की निंदा की।

भट्ट ने आरोप लगाया कि इस तरह की टिप्पणियां केवल किसी एक व्यक्ति को लेकर नहीं हैं, बल्कि देश की राष्ट्रीय सुरक्षा व्यवस्था और उससे जुड़े संस्थानों पर भी सवाल खड़े करती हैं। उन्होंने इसे उत्तराखंड के सम्मान से भी जोड़ा।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में राजनीतिक दलों और नेताओं को शब्दों के चयन में जिम्मेदारी बरतनी चाहिए। उनका दावा है कि ऐसी टिप्पणियों से सुरक्षा बलों और उनसे जुड़े अधिकारियों के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

भाजपा जिलाध्यक्ष ने कांग्रेस के उत्तराखंड प्रदेश नेतृत्व से पूछा कि वह राहुल गांधी की टिप्पणी का समर्थन करता है या उससे असहमति रखता है। उन्होंने प्रदेश कांग्रेस के नेताओं से इस मुद्दे पर सार्वजनिक रूप से अपना पक्ष स्पष्ट करने की मांग की।

भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड ने सेना, सुरक्षा और प्रशासनिक सेवाओं में अनेक लोगों का योगदान देखा है। ऐसे में राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े वरिष्ठ पद पर कार्यरत व्यक्ति को लेकर की गई टिप्पणी पर राज्य के राजनीतिक दलों को स्पष्ट रुख रखना चाहिए।

इससे पहले भी उत्तराखंड भाजपा के कई नेताओं ने राहुल गांधी की टिप्पणी पर आपत्ति जताई है। वहीं राहुल गांधी की ओर से लगाए गए निगरानी और व्यवस्था पर नियंत्रण संबंधी आरोप राजनीतिक दावे हैं, जिन्हें लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।