
स्थान : रानीखेत
रिपोर्टर : संजय जोशी

रानीखेत में आयोजित 137वां मां नंदा-सुनंदा महोत्सव सोमवार को मां की भव्य डोला यात्रा और विसर्जन के साथ संपन्न हो गया। महोत्सव के समापन अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां नंदा-सुनंदा के दर्शन और विदाई के लिए जुटे। नम आंखों से श्रद्धालुओं ने आराध्य देवी को विदाई दी और पूरे नगर में भक्तिमय माहौल बना रहा।

प्रातः नित्य पूजा-अर्चना के बाद जरूरी बाजार स्थित नंदा देवी मंदिर से मां नंदा-सुनंदा की डोला यात्रा शुरू हुई। यात्रा के दौरान भजन-कीर्तन, नगाड़े-निशान और जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। मां नंदा-सुनंदा को बेटी-बहन के रूप में पूजे जाने की परंपरा के चलते श्रद्धालुओं में विशेष भावनात्मक जुड़ाव देखने को मिला।



डोला यात्रा के मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने मां की आरती उतारी और पुष्प-अक्षत अर्पित किए। महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और बच्चों ने आस्था के साथ डोला यात्रा में भाग लिया। नगर के विभिन्न हिस्सों में लोगों ने सड़क किनारे खड़े होकर मां के दर्शन किए और सुख-समृद्धि की कामना की।

डोला यात्रा के साथ सांस्कृतिक शोभायात्रा भी निकाली गई, जिसने पूरे आयोजन को और अधिक आकर्षक बना दिया। इसमें स्कूली बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुतियां देने के साथ मां नंदा-सुनंदा के जयकारे लगाए और धार्मिक वातावरण को और अधिक जीवंत बना दिया।


शोभायात्रा में लोक संस्कृति की झलक भी प्रमुख रूप से देखने को मिली। लोकगीतों और लोकनृत्यों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। जवाहर नवोदय विद्यालय, ताड़ीखेत के विद्यार्थियों ने छोलिया नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति देकर दर्शकों की खूब सराहना बटोरी।

इसके अलावा नेशनल इंटर कॉलेज, मिशन इंटर कॉलेज, वीर शिवा स्कूल और छावनी इंटर कॉलेज के विद्यार्थियों ने भी शोभायात्रा में भागीदारी की। विद्यार्थियों की प्रस्तुतियों ने धार्मिक आयोजन को सांस्कृतिक रंग प्रदान किया और पर्वतीय अंचल की समृद्ध लोक परंपराओं को जीवंत कर दिया।




शोभायात्रा द्यूलीखेत, रोडवेज स्टेशन, सदर बाजार, गांधी चौक और विजय चौक होते हुए पुनः नंदा देवी मंदिर पहुंची। इसके बाद विधिवत विसर्जन यात्रा कालू गधेरा के लिए रवाना हुई, जहां धार्मिक अनुष्ठानों के बीच मां नंदा-सुनंदा की मूर्तियों का विसर्जन किया गया।
महोत्सव और डोला यात्रा में समिति से जुड़े पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय गणमान्य लोगों की भी सक्रिय मौजूदगी रही। कार्यक्रम में विधायक डॉ. प्रमोद नैनवाल, पूर्व विधायक करन माहरा, जिला पंचायत सदस्य शांति उप्रेती, क्षेत्र प्रमुख बबली मेहरा, क्षेत्र प्रमुख हीरा सिंह रावत सहित बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। आयोजन समिति के सदस्य और स्वयंसेवक भी व्यवस्थाओं में जुटे रहे।
मां नंदा-सुनंदा महोत्सव के समापन के साथ पूरे नगर में आस्था, संस्कृति और परंपरा का अनुपम संगम देखने को मिला। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने महोत्सव को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी श्रद्धालुओं, प्रतिभागियों और स्थानीय लोगों का आभार जताया। समापन अवसर पर श्रद्धालुओं ने मां नंदा-सुनंदा से क्षेत्र की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

