
स्थान : नैनीताल
रिपोर्टर : संजय जोशी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को नैनीताल पहुंचे, जहां उन्होंने मां नंदा-सुनंदा देवी के दरबार में मत्था टेका। मुख्यमंत्री ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की।

नैना देवी मंदिर परिसर में मुख्यमंत्री के पहुंचने पर श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। इस दौरान मंदिर परिसर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और पूरे क्षेत्र में धार्मिक माहौल बना रहा।


मां नंदा-सुनंदा की विशेष पूजा-अर्चना नंदा महोत्सव के पुजारी भगवत जोशी ने संपन्न कराई। मुख्यमंत्री ने श्रद्धा के साथ पूजा में भाग लिया और मां नंदा-सुनंदा से प्रदेशवासियों पर आशीर्वाद बनाए रखने की प्रार्थना की।


पूजा-अर्चना के बाद मुख्यमंत्री धामी ने मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों से मुलाकात की। उन्होंने लोगों का अभिवादन स्वीकार किया और नंदा-सुनंदा महोत्सव की शुभकामनाएं दीं।



नंदा-सुनंदा महोत्सव के अंतिम चरण में मंगलवार को नंदा चालीसा और सुंदरकांड का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री ने भी धार्मिक कार्यक्रम में भाग लिया और आयोजन से जुड़े लोगों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां नंदा-सुनंदा उत्तराखंड की आस्था और संस्कृति का महत्वपूर्ण प्रतीक हैं। इस प्रकार के धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन प्रदेश की परंपराओं को जीवंत रखने के साथ नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति से जोड़ने का कार्य करते हैं।



महोत्सव के दौरान नैनीताल में श्रद्धालुओं की लगातार भीड़ बनी हुई है। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में धार्मिक अनुष्ठानों के साथ सांस्कृतिक गतिविधियां भी आयोजित की जा रही हैं।
बुधवार को नंदा-सुनंदा महोत्सव के समापन अवसर पर मां नंदा-सुनंदा के डोले का नगर भ्रमण कराया जाएगा। डोला यात्रा नगर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
डोला भ्रमण के साथ 16 सितंबर से चल रहे ऐतिहासिक नंदा-सुनंदा महोत्सव का विधिवत समापन होगा। आयोजन समिति और प्रशासन की ओर से समापन कार्यक्रम एवं डोला यात्रा को लेकर तैयारियां की गई हैं।

