
स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना


हल्द्वानी में भाजपा की प्रदेश कार्यसमिति के कार्यक्रमों के बीच राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का सादगी भरा अंदाज भी देखने को मिला। व्यस्त कार्यक्रमों के बीच उन्होंने एक सामान्य भाजपा कार्यकर्ता के घर पहुंचकर चाय पी और मंदिर में दर्शन भी किए।


भाजपा की प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत भारद्वाज ने मीडिया ब्रीफिंग के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष के हल्द्वानी दौरे की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उत्तराखंड भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी की पहली बैठक में नितिन नबीन ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन किया।




दीप्ति रावत भारद्वाज के मुताबिक राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे के दौरान समाज के अलग-अलग वर्गों से संवाद के कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। इनमें युवाओं के साथ संवाद को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया गया।



उन्होंने कहा कि अब की युवा पीढ़ी के मन में शिक्षा, रोजगार और भविष्य को लेकर कई सवाल और जिज्ञासाएं हैं। ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष ने युवाओं से सीधे संवाद कर उनके सवालों का जवाब दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट भी मौजूद रहे।


हल्द्वानी में इसके बाद पूर्व सैनिकों के साथ सम्मेलन आयोजित किया गया। भाजपा पदाधिकारियों ने कहा कि पार्टी सैनिकों और पूर्व सैनिकों से जुड़े मुद्दों को लगातार प्राथमिकता देती रही है।

दीप्ति रावत भारद्वाज ने कहा कि सेना में प्रशिक्षण और लंबे अनुभव के बाद समाज में लौटने वाले पूर्व सैनिक सकारात्मक सामाजिक भूमिका निभा सकते हैं। पार्टी उनकी क्षमताओं को सामाजिक गतिविधियों से जोड़ने पर भी जोर दे रही है।




राष्ट्रीय अध्यक्ष के दौरे के तहत रुद्रपुर में पंजाबी और सिख समाज के साथ संवाद और सम्मेलन का कार्यक्रम भी रखा गया है। भाजपा की ओर से अलग-अलग सामाजिक वर्गों तक पहुंच बढ़ाने की रणनीति के तहत इन कार्यक्रमों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


इस बीच नितिन नबीन का अनौपचारिक कार्यक्रम भी चर्चा में रहा। उन्होंने एक आम कार्यकर्ता के घर जाने की इच्छा जताई और वहां पहुंचकर चाय पी। इससे पहले उन्होंने मंदिर जाने की इच्छा जताई, जिसके बाद मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष के साथ मंदिर पहुंचकर दर्शन किए।
भाजपा प्रदेश महामंत्री के मुताबिक कार्यकर्ता के घर चाय पीने और मंदिर दर्शन का कार्यक्रम पहले से तय औपचारिक कार्यक्रमों का हिस्सा नहीं था। राष्ट्रीय अध्यक्ष की इस अनौपचारिक पहल को कार्यकर्ताओं से सीधे जुड़ाव और सहज संवाद के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।

