

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के उत्तराखंड दौरे से पहले राजधानी देहरादून में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। परेड ग्राउंड के बाहर महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में कांग्रेसियों ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की पहचान सार्वजनिक करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का पुतला दहन करते हुए ‘अमित शाह गो बैक’ के नारे लगाए। विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।


केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के देहरादून आगमन को लेकर जहां भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने उनके दौरे का विरोध करते हुए सरकार को घेरने की कोशिश की। परेड ग्राउंड में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम से पहले ही कांग्रेस कार्यकर्ता कार्यक्रम स्थल के बाहर एकत्र हो गए और नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शन के चलते मौके पर राजनीतिक माहौल गरमा गया।




विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहीं महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मामले में कथित वीआईपी की पहचान सार्वजनिक किए जाने की मांग की। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस चर्चित हत्याकांड से जुड़े सभी तथ्यों को जनता के सामने लाया जाना चाहिए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिलने की प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे।



प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ अपना आक्रोश व्यक्त किया। कार्यकर्ताओं ने ‘अमित शाह गो बैक’ के नारे लगाते हुए केंद्रीय गृह मंत्री के दौरे का विरोध किया। इस बीच प्रदर्शनकारियों ने अमित शाह का पुतला भी फूंका। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड से जुड़े कई सवालों के जवाब अब तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।


प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को परेड ग्राउंड की ओर आगे बढ़ने से रोक दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक की स्थिति भी बनी। पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के नेतृत्व में प्रदर्शन कर रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों को मौके से हटाया गया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना था कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर उनका विरोध जारी रहेगा। उन्होंने कथित वीआईपी की पहचान उजागर करने और मामले से जुड़ी अपनी अन्य मांगों पर कार्रवाई की आवश्यकता जताई। हालांकि कथित वीआईपी की संलिप्तता को लेकर लगाए जा रहे आरोपों को प्रमाणित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता।




वहीं केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के दौरे को देखते हुए परेड ग्राउंड और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। पुलिस प्रशासन ने कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती। इसी दिन जौलीग्रांट एयरपोर्ट की ओर विरोध प्रदर्शन करने जा रहे कांग्रेस कार्यकर्ताओं को भी पुलिस ने हिरासत में लिया था।


एक ओर परेड ग्राउंड में उत्तराखंड राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ से जुड़े राज्योत्सव समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह शामिल हुए, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस ने अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर विरोध दर्ज कराया। Amar Ujala Hindi News Live+1 ज्योति रौतेला के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन ने राजधानी के राजनीतिक माहौल को गरमा दिया। प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए कांग्रेस कार्यकर्ताओं की सटीक संख्या और उनकी रिहाई के संबंध में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं हो सकी है।

