डोईवाला-हरिद्वार हाईवे पर लाल तप्पड़ बना हादसों का हॉटस्पॉट, तीन सड़क दुर्घटनाओं में एक की मौत, कई घायल

डोईवाला-हरिद्वार हाईवे पर लाल तप्पड़ बना हादसों का हॉटस्पॉट, तीन सड़क दुर्घटनाओं में एक की मौत, कई घायल

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

डोईवाला-हरिद्वार राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित लाल तप्पड़ क्षेत्र लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं के कारण सुर्खियों में बना हुआ है। रविवार को क्षेत्र में तीन अलग-अलग सड़क हादसों में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हो गए। लगातार हो रही दुर्घटनाओं से स्थानीय लोगों में भय और आक्रोश का माहौल है। लोगों का आरोप है कि हाईवे पर निर्माण कार्य की धीमी गति और पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों के अभाव में सड़क हादसों का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

लाल तप्पड़ क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग और पुल निर्माण का कार्य लंबे समय से जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य की रफ्तार बेहद धीमी होने के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को आए दिन परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। निर्माणाधीन सड़क और पुल के आसपास सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। खासकर रात के समय हाईवे से गुजरने वाले वाहन चालकों के लिए स्थिति अधिक जोखिमपूर्ण हो सकती है।

रविवार को लाल तप्पड़ क्षेत्र में हुए तीन अलग-अलग सड़क हादसों ने एक बार फिर राष्ट्रीय राजमार्ग की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन दुर्घटनाओं में एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए। हादसों के बाद स्थानीय लोगों ने संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए सड़क सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

माजरी ग्रांट की ग्राम प्रधान निशा देवी ने हाईवे पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त की है। उनका कहना है कि सड़क और पुल निर्माण कार्य में हो रही देरी के कारण आम लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है, जिससे सड़क पर चलने वाले लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है।

सामाजिक कार्यकर्ता मंगल सिंह और अजीत सिंह प्रिंस ने भी राष्ट्रीय राजमार्ग की स्थिति को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में लगातार हो रहे सड़क हादसे बेहद चिंताजनक हैं। कई बार संबंधित विभागों और प्रशासन को समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई प्रभावी समाधान सामने नहीं आया है। उनका आरोप है कि अधिकारियों की उदासीनता के चलते लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ रही है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हाईवे पर निर्माण कार्य के दौरान वाहन चालकों को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराना संबंधित एजेंसियों की जिम्मेदारी है। निर्माणाधीन हिस्सों में पर्याप्त चेतावनी संकेतक, बैरिकेडिंग, रिफ्लेक्टर, प्रकाश व्यवस्था और यातायात नियंत्रण के इंतजाम होने चाहिए। लोगों ने मांग की है कि दुर्घटनाओं को रोकने के लिए तत्काल सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए और जोखिम वाले स्थानों की पहचान कर आवश्यक सुधार किए जाएं।

लगातार सड़क हादसों से नाराज स्थानीय लोगों ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के अधिकारियों और निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदारों के खिलाफ आपराधिक मुकदमा दर्ज करने की मांग उठाई है। उनका आरोप है कि बार-बार शिकायतों के बावजूद सुरक्षा संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। हालांकि, दुर्घटनाओं के लिए किसी अधिकारी या ठेकेदार की कानूनी जिम्मेदारी जांच के बाद ही निर्धारित की जा सकेगी।

क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से भी पूरे मामले का संज्ञान लेने की अपील की है। उनका कहना है कि सड़क हादसों की रोकथाम के लिए केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि हाईवे निर्माण कार्य में तेजी लाने के साथ सुरक्षा उपायों को धरातल पर लागू करना जरूरी है। स्थानीय लोगों ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कराने और लापरवाही मिलने पर संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

लाल तप्पड़ क्षेत्र में लगातार सामने आ रही सड़क दुर्घटनाओं ने स्थानीय नागरिकों के साथ हाईवे से रोजाना गुजरने वाले यात्रियों की चिंता भी बढ़ा दी है। देहरादून, डोईवाला और हरिद्वार के बीच आवाजाही करने वाले बड़ी संख्या में वाहन इस मार्ग का उपयोग करते हैं। ऐसे में निर्माणाधीन हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था की कमी गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। लोगों ने भविष्य में हादसों को रोकने के लिए स्थायी समाधान किए जाने की आवश्यकता जताई है।

फिलहाल रविवार को हुए तीन सड़क हादसों के बाद लाल तप्पड़ क्षेत्र में सड़क सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। एक व्यक्ति की मौत और कई लोगों के घायल होने से स्थानीय लोगों में आक्रोश है। NHAI और निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी तेज हो गई है। अब बड़ा सवाल यह है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बाद संबंधित विभाग और जिला प्रशासन कब ठोस कदम उठाएंगे और लाल तप्पड़ क्षेत्र में सुरक्षित यातायात सुनिश्चित करने के लिए कब तक प्रभावी व्यवस्था की जाएगी।