
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड में पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत की जनसंवाद यात्रा को लेकर उठे विवाद के बीच प्रदेश कांग्रेस ने संगठन में गुटबाजी और आपसी मतभेद के आरोपों को खारिज किया है। कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि हरीश रावत की यात्रा और प्रदेश प्रभारी की ओर से उसे रोकने संबंधी पत्र को संगठन की कमजोरी या आपसी लड़ाई के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है और सभी नेता संगठन के निर्देशों के अनुसार कार्य कर रहे हैं।

पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की धन्यवाद एवं जनसंवाद यात्रा को लेकर कांग्रेस के भीतर असहमति की खबरें सामने आई थीं। प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के हस्तक्षेप के बाद हरीश रावत ने यात्रा को अस्थायी रूप से रोकने पर सहमति जताई। इस घटनाक्रम ने प्रदेश कांग्रेस में संगठनात्मक समन्वय को लेकर सवाल खड़े किए हैं।



इस मामले में कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि इसे किसी भी तरह से गुटबाजी के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा के प्रदेश प्रभारी भी उत्तराखंड आते हैं और कांग्रेस के प्रभारी भी संगठनात्मक गतिविधियों के लिए प्रदेश का दौरा करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस नेताओं के बीच किसी प्रकार की लड़ाई या मनमुटाव नहीं है।


डॉ. प्रतिमा सिंह ने हरीश रावत की यात्रा में शामिल हुए कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को लेकर कहा कि कांग्रेस के झंडे और हाथ के पंजे के प्रतीक के तहत आयोजित कार्यक्रमों में पार्टी कार्यकर्ता स्वाभाविक रूप से भाग लेते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सभी नेता और कार्यकर्ता संगठन को सर्वोपरि मानते हैं। ऐसे में किसी कार्यक्रम में भागीदारी को गुटबाजी से जोड़ना उचित नहीं है।


कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता ने भाजपा पर पलटवार करते हुए सवाल उठाया कि आखिर भाजपा को पूरी तरह एकजुट किस आधार पर बताया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के भीतर भी नेताओं के बीच मतभेद और असंतोष सामने आते रहते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा को कांग्रेस के आंतरिक मामलों पर सवाल उठाने से पहले अपने संगठन की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए।

डॉ. प्रतिमा सिंह ने भाजपा के प्रदेश प्रभारी के दौरों पर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के प्रदेश प्रभारी के दौरे के अगले ही दिन पार्टी के वरिष्ठ नेता सोशल मीडिया पर अपनी नाराजगी जाहिर करने लगते हैं। उन्होंने दावा किया कि भाजपा के भीतर संगठनात्मक असहमति और नेताओं के बीच मतभेद कई बार सार्वजनिक रूप से सामने आ चुके हैं।



प्रदेश प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भाजपा के कुछ विधायक अपने ही मुख्यमंत्री के खिलाफ बयानबाजी करते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि भाजपा के नेता अपनी ही सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाते हैं और टिकट की दावेदारी करने वाले कुछ नेता अपने ही मंत्रियों के खिलाफ वीडियो बनाकर सवाल उठाते हैं। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में उन्होंने किन विशिष्ट घटनाओं का उल्लेख किया, इसका विवरण उपलब्ध नहीं है।
डॉ. प्रतिमा सिंह ने हरिद्वार में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश प्रभारी कुमारी शैलजा के नेतृत्व में आयोजित प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर भाग लिया। हरिद्वार में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर कांग्रेस के प्रदर्शन की खबर भी सामने आई है।
कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता ने कहा कि आगामी चुनावों को लेकर पार्टी पूरी तरह एकजुट है और संगठन के सभी नेता मिलकर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस में किसी प्रकार की आपसी लड़ाई नहीं है और पार्टी जनता से जुड़े मुद्दों को लेकर आगे बढ़ रही है। हरीश रावत की यात्रा को लेकर उठे सवालों के बीच कांग्रेस ने संगठनात्मक एकता का संदेश देने का प्रयास किया है।

