रामनगर में डीएम ललित मोहन रयाल ने सुनीं जनता की समस्याएं, बेस अस्पताल में चिकित्सकों की कमी पर जताई चिंता

रामनगर में डीएम ललित मोहन रयाल ने सुनीं जनता की समस्याएं, बेस अस्पताल में चिकित्सकों की कमी पर जताई चिंता

स्थान : रामनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

रामनगर के पीएनजी पीजी महाविद्यालय में सेवा सुशासन संकल्प अभियान के तहत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में नैनीताल के जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने पहुंचकर क्षेत्र की जनता की समस्याएं सुनीं। इस दौरान 30 से अधिक फरियादियों ने अपनी शिकायतें और समस्याएं जिलाधिकारी के सामने रखीं। इनमें से कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया, जबकि अन्य समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों को कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।

जनसमस्या शिविर में रामनगर और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे लोगों ने अपनी विभिन्न समस्याओं को जिलाधिकारी के सामने रखा। इस दौरान नहरों की स्थिति, वन्यजीवों से जुड़ी परेशानियां, सुरक्षा व्यवस्था, यातायात जाम और पुलिस से संबंधित शिकायतें प्रमुख रूप से सामने आईं। जिलाधिकारी ने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए उनके समाधान पर जोर दिया।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने बताया कि सेवा सुशासन संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित शिविर का मुख्य उद्देश्य आम जनता की समस्याओं को सीधे सुनना और उनका समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करना है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की प्राथमिकता है कि लोगों को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।

जिलाधिकारी ने कहा कि शिविर में प्राप्त शिकायतों में कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया है। वहीं जिन समस्याओं का तत्काल निस्तारण संभव नहीं हो सका, उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों के स्तर पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जनसमस्याओं के निस्तारण में संवेदनशीलता और गंभीरता बरतना आवश्यक है।

रामनगर क्षेत्र में वन्यजीवों से जुड़ी समस्याओं को लेकर भी लोगों ने अपनी चिंता व्यक्त की। जिलाधिकारी ने बताया कि शिविर में नहरों और वन्यजीवों से संबंधित मामलों के साथ सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से सामने आए हैं। इन समस्याओं के समाधान के लिए संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

शिविर के दौरान क्षेत्र में यातायात जाम और पुलिस से संबंधित शिकायतें भी सामने आईं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन के सामने रोजमर्रा की परेशानियों को रखते हुए समाधान की मांग की। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी शिकायतों पर संबंधित विभागों के माध्यम से नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।

जनसमस्या शिविर के बाद जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने रामनगर के बेस अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर भी चिंता जताई। उन्होंने बताया कि अस्पताल में चिकित्सकों की भारी कमी बनी हुई है। वर्तमान में अस्पताल की व्यवस्थाएं लगभग 25 प्रतिशत क्षमता के साथ संचालित हो रही हैं, जिससे क्षेत्र के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।

जिलाधिकारी ने बताया कि बेस अस्पताल में नवजात शिशु विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ सहित कई महत्वपूर्ण पद खाली हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी के कारण अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि रिक्त पदों को भरने के लिए चिकित्सा सचिव से अनुरोध किया जाएगा, ताकि अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जा सके और मरीजों को आवश्यक उपचार मिल सके।

जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने कहा कि प्रशासन जनसमस्याओं के समाधान के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए भी प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि जनसमस्या शिविरों के माध्यम से जनता की समस्याओं को सीधे जानने और उनके समाधान की दिशा में कार्रवाई करने का अवसर मिलता है। शिविर में सामने आई समस्याओं के समाधान और रामनगर बेस अस्पताल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती को लेकर संबंधित स्तर पर आवश्यक पहल की जाएगी।