
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील उत्तराखंड में आपदा से निपटने की तैयारियों को और मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने प्रदेशवासियों से अपने मोबाइल फोन में भूकंप पूर्व चेतावनी देने वाले भूदेव और सचेत ऐप डाउनलोड करने की अपील की है। साथ ही प्रदेश में स्थापित भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली की नियमित जांच करने के निर्देश भी दिए हैं।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने कहा कि उत्तराखंड भूकंप की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील राज्य है। प्रदेश का बड़ा भूभाग भूकंपीय जोन चार और पांच के अंतर्गत आता है। ऐसे में भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा से बचाव के लिए जनजागरूकता, समय पर चेतावनी और पूर्व तैयारी बेहद जरूरी है।



उन्होंने बताया कि आईआईटी रुड़की और उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के सहयोग से विकसित भूदेव ऐप भूकंप की प्रारंभिक चेतावनी देने में मदद करता है। इस ऐप के माध्यम से भूकंपीय तरंगें पहुंचने से पहले लोगों को कुछ सेकंड का अलर्ट मिल सकता है, जिससे वे अपनी सुरक्षा के लिए तत्काल आवश्यक कदम उठा सकें।


मुख्य सचिव ने बताया कि हाल ही में उत्तराखंड में आए भूकंप के दौरान पूर्व चेतावनी प्रणाली ने प्रभावी ढंग से कार्य किया था। छह अक्टूबर को चमोली क्षेत्र में आए भूकंप के दौरान भूदेव ऐप और चेतावनी सायरनों के माध्यम से लोगों को अलर्ट मिला था। इससे समय रहते चेतावनी मिलने की उपयोगिता सामने आई।


प्रदेश में भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए विभिन्न स्थानों पर सेंसर और सायरन लगाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, राज्य में 169 सेंसर और 112 सायरन स्थापित हैं। इनकी सहायता से भूकंपीय गतिविधियों पर निगरानी रखने और लोगों को समय पर चेतावनी देने की व्यवस्था विकसित की गई है।

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने निर्देश दिए हैं कि प्रदेश में स्थापित भूकंप पूर्व चेतावनी सायरनों का नियमित परीक्षण किया जाए। इसके लिए प्रत्येक महीने की 9 तारीख को सुबह 11 बजे सायरन बजाए जाएंगे। परीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आपदा की वास्तविक स्थिति में चेतावनी प्रणाली सही ढंग से काम करे।



उन्होंने कहा कि नियमित परीक्षण के दौरान सायरन और संबंधित तकनीकी उपकरणों की कार्यप्रणाली की जांच की जाएगी। यदि किसी स्थान पर सायरन या अन्य उपकरण में तकनीकी खराबी पाई जाती है तो उसे तत्काल दुरुस्त कराया जाएगा। इससे भूकंप की स्थिति में चेतावनी प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ाने में मदद मिलेगी।

मुख्य सचिव ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे भूदेव और सचेत ऐप का अपडेटेड संस्करण अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड करें। साथ ही ऐप को आवश्यक लोकेशन और नोटिफिकेशन की अनुमति दें, ताकि भूकंप संबंधी चेतावनी प्राप्त हो सके। उन्होंने लोगों से अपने परिवार और आसपास के नागरिकों को भी इस व्यवस्था के प्रति जागरूक करने को कहा।
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि हर महीने होने वाले सायरन परीक्षण के दौरान लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। यह केवल भूकंप पूर्व चेतावनी प्रणाली की तैयारियों को जांचने की प्रक्रिया होगी। उन्होंने कहा कि भूकंप के प्रति जागरूकता और समय पर चेतावनी से जान-माल के संभावित नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है। प्रदेश सरकार का उद्देश्य आपदा प्रबंधन व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाकर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

