श्रीनगर फोटोग्राफी वेलफेयर सोसाइटी ने सोशल मीडिया पर लगाए आरोपों का किया खंडन, दुष्प्रचार करने वालों से मांगी माफी

श्रीनगर फोटोग्राफी वेलफेयर सोसाइटी ने सोशल मीडिया पर लगाए आरोपों का किया खंडन, दुष्प्रचार करने वालों से मांगी माफी

स्थान : श्रीनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

सोशल मीडिया पर श्रीनगर फोटोग्राफी वेलफेयर सोसाइटी के खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों को लेकर संगठन के पदाधिकारियों ने कड़ी आपत्ति जताई है। श्रीनगर के एक निजी होटल में आयोजित प्रेसवार्ता के दौरान सोसाइटी अध्यक्ष विजय रावत ने आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि संगठन वर्ष 2023 से फोटोग्राफरों को एकजुट करने और सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने के उद्देश्य से लगातार सक्रिय है।

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए सोसाइटी अध्यक्ष विजय रावत ने बताया कि संगठन की स्थापना फोटोग्राफरों के हितों की रक्षा, उनकी समस्याओं के समाधान और उन्हें एक साझा मंच प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी। उन्होंने कहा कि संगठन अपने गठन के बाद से ही फोटोग्राफी से जुड़े लोगों को एकजुट करने के साथ सामाजिक गतिविधियों में भागीदारी निभा रहा है।

विजय रावत ने बताया कि सोसाइटी की ओर से समय-समय पर विभिन्न कार्यशालाओं और प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। इन कार्यक्रमों के माध्यम से फोटोग्राफरों को नई तकनीकों और फोटोग्राफी से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध कराई गई हैं। उन्होंने बताया कि संगठन के कार्यों के लिए प्रदेश स्तर पर सम्मान भी प्राप्त हो चुका है।

सोसाइटी अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर अलग संगठन बनाकर श्रीनगर फोटोग्राफी वेलफेयर सोसाइटी के खिलाफ भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि संगठन के संबंध में बिना तथ्यों के आरोप लगाए जा रहे हैं, जिससे उसकी छवि प्रभावित हो रही है। उन्होंने ऐसे आरोपों को निराधार बताते हुए उनका खंडन किया।

इस अवसर पर सोसाइटी के मीडिया प्रभारी सुभाष घिल्डियाल ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी भी व्यक्ति को नया संगठन बनाने और उसमें शामिल होने का पूरा अधिकार है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोसाइटी को किसी नए संगठन के गठन या किसी व्यक्ति के उसमें शामिल होने से कोई आपत्ति नहीं है।

सुभाष घिल्डियाल ने कहा कि किसी भी संगठन या व्यक्ति के खिलाफ बिना ठोस प्रमाण के आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का उपयोग सकारात्मक संवाद और जानकारी साझा करने के लिए किया जाना चाहिए, न कि किसी संस्था की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने के लिए।

सोसाइटी पदाधिकारियों ने संगठन के खिलाफ आरोप लगाने वाले लोगों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि किसी के पास सोसाइटी के खिलाफ कोई प्रमाण है, तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए। पदाधिकारियों ने आरोपों को प्रमाणित करने की चुनौती देते हुए कहा कि संगठन अपनी गतिविधियों और कार्यों को लेकर जवाब देने के लिए तैयार है।

प्रेसवार्ता के अंत में सोसाइटी पदाधिकारियों ने कहा कि संगठन भविष्य में भी फोटोग्राफरों के हितों और सामाजिक कार्यों के लिए सक्रिय रहेगा। उन्होंने फोटोग्राफी से जुड़े लोगों से आपसी सहयोग और एकजुटता बनाए रखने की अपील की। इस मौके पर गौरव रावत, राजेश बडोनी, मेघपाल और सुरेंद्र जयाड़ा सहित संगठन के अन्य सदस्य मौजूद रहे।