उत्तराखंड की कानून व्यवस्था पर कांग्रेस का हमला, डॉ. प्रतिमा सिंह बोलीं—आम जनता और पत्रकार भी सुरक्षित नहीं

उत्तराखंड की कानून व्यवस्था पर कांग्रेस का हमला, डॉ. प्रतिमा सिंह बोलीं—आम जनता और पत्रकार भी सुरक्षित नहीं

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड में कानून व्यवस्था को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर प्रदेश सरकार और पुलिस प्रशासन पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस की वरिष्ठ प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने राज्य में बढ़ती आपराधिक घटनाओं पर चिंता जताते हुए आरोप लगाया कि प्रदेश की कानून व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। उन्होंने कहा कि राज्य में आम नागरिकों से लेकर पत्रकारों तक की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि प्रदेश में लगातार सामने आ रही आपराधिक घटनाएं पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों में कानून का भय कम होता जा रहा है और आम जनता खुद को असुरक्षित महसूस कर रही है। उन्होंने सरकार से कानून व्यवस्था की स्थिति पर गंभीरता से ध्यान देने की मांग की।

कांग्रेस प्रवक्ता ने विभिन्न आपराधिक घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि शहर के पॉश इलाकों में बुजुर्ग महिलाओं से चेन स्नैचिंग की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की वारदातों से महिलाओं और बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है। उन्होंने पुलिस से ऐसी घटनाओं पर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की।

डॉ. प्रतिमा सिंह ने पत्रकारों पर हमलों की घटनाओं को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब पत्रकार ही सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं, तो आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर क्या स्थिति होगी।

उन्होंने कॉन्वेंट स्कूल के पास दिनदहाड़े हत्या और तिहरे हत्याकांड जैसी घटनाओं का उल्लेख करते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। डॉ. प्रतिमा सिंह ने आरोप लगाया कि इन घटनाओं के कारण शहर में गैंगवार जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए।

कांग्रेस की वरिष्ठ प्रदेश प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि पुलिस और प्रशासन कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने के बजाय सरकार के राजनीतिक हितों को साधने में अधिक व्यस्त हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जबकि अपराध नियंत्रण और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।

डॉ. प्रतिमा सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से प्रदेश की कानून व्यवस्था की स्थिति का तत्काल संज्ञान लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री को पुलिस प्रशासन की जवाबदेही तय करनी चाहिए और अधिकारियों को निष्पक्ष एवं स्वतंत्र रूप से काम करने का अवसर देना चाहिए, ताकि अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित हो सके।

कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि प्रदेश की जनता को सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि आपराधिक घटनाओं की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही महिलाओं, बुजुर्गों, पत्रकारों और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। फिलहाल कांग्रेस की ओर से लगाए गए इन आरोपों पर सरकार और पुलिस प्रशासन का पक्ष सामने आना बाकी है।