रामनगर में मूसलाधार बारिश से हाईवे पर गिरे तीन विशाल पेड़, एक घंटे तक यातायात बाधित, बड़ा हादसा टला

रामनगर में मूसलाधार बारिश से हाईवे पर गिरे तीन विशाल पेड़, एक घंटे तक यातायात बाधित, बड़ा हादसा टला

स्थान : रामनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

रामनगर में मूसलाधार बारिश के चलते रामनगर-पीरूमदारा नेशनल हाईवे-309 पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बसई क्षेत्र में अचानक तीन भारी-भरकम पेड़ सड़क पर आ गिरे। पेड़ों के गिरने से हाईवे पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब एक घंटे तक यातायात बाधित रहा। गनीमत रही कि इस दौरान कोई वाहन या राहगीर पेड़ों की चपेट में नहीं आया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

जानकारी के अनुसार, रामनगर और आसपास के क्षेत्रों में हो रही तेज बारिश के बीच बसई क्षेत्र में सड़क किनारे खड़े तीन विशाल पेड़ अचानक नेशनल हाईवे पर गिर गए। पेड़ों के सड़क पर गिरते ही दोनों दिशाओं से आने-जाने वाले वाहनों के पहिए थम गए। देखते ही देखते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। टीम ने सड़क पर गिरे पेड़ों को हटाने के लिए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। पेड़ों का आकार काफी बड़ा होने के कारण उन्हें हटाने में कर्मचारियों को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।

रेस्क्यू टीम ने जेसीबी और कटर मशीन की सहायता से सड़क पर गिरे पेड़ों को काटने का काम शुरू किया। भारी-भरकम पेड़ों को छोटे-छोटे टुकड़ों में काटकर सड़क किनारे हटाया गया। इस दौरान पुलिसकर्मियों ने मौके पर यातायात व्यवस्था संभाली और वाहनों को नियंत्रित करते हुए किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के प्रयास किए।

करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम ने हाईवे से पेड़ों को पूरी तरह हटाने में सफलता हासिल की। इसके बाद रामनगर-पीरूमदारा मार्ग पर यातायात व्यवस्था सुचारू हो सकी। रास्ता खुलने के बाद हाईवे पर फंसे वाहन चालकों ने राहत की सांस ली।

वहीं, तेज बारिश के कारण सड़क पर पहले से ही फिसलन और कम दृश्यता की स्थिति बनी हुई थी। ऐसे में अचानक पेड़ गिरने से वाहन चालकों की मुश्किलें और बढ़ गईं। करीब एक घंटे तक हाईवे बंद रहने के कारण रामनगर और पीरूमदारा की ओर जाने वाले यात्रियों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात के मौसम में सड़क किनारे खड़े पुराने, कमजोर और सूखे पेड़ों के गिरने का खतरा बढ़ जाता है। विशेष रूप से तेज बारिश और हवाओं के दौरान ऐसे पेड़ राहगीरों और वाहन चालकों के लिए गंभीर खतरा बन सकते हैं। लोगों ने संबंधित विभागों से सड़क किनारे खड़े कमजोर और झुके हुए पेड़ों की समय-समय पर जांच कराने की आवश्यकता जताई है।

इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि नहीं होने से प्रशासन और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि, नेशनल हाईवे पर एक साथ तीन विशाल पेड़ों के गिरने की घटना ने सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि बरसात के दौरान हाईवे किनारे खतरनाक पेड़ों की पहचान कर उनकी समय रहते छंटाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं और संभावित हादसों को रोका जा सके।