आजादी के 80 साल बाद भी सड़क और पुल से वंचित बांसी घटातपड़ तोप गांव, नदी पार कर स्कूल जाते बच्चे

आजादी के 80 साल बाद भी सड़क और पुल से वंचित बांसी घटातपड़ तोप गांव, नदी पार कर स्कूल जाते बच्चे

स्थान : कोटद्वार
ब्यूरो रिपोर्ट

विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत बांसी घटातपड़ तोप गांव के ग्रामीण आज भी सड़क और पुल जैसी मूलभूत सुविधाओं का इंतजार कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आजादी के 80 साल बाद भी गांव तक सड़क नहीं पहुंच सकी है, जिसके कारण उन्हें रोजमर्रा के आवागमन में भारी परेशानी उठानी पड़ती है।

सबसे अधिक परेशानी गांव के स्कूली बच्चों को झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों के मुताबिक बच्चों को स्कूल जाने के लिए नदी पार करनी पड़ती है। बरसात के दिनों में नदी का जलस्तर बढ़ जाने पर बच्चों का स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता है और कई दिनों तक उनकी पढ़ाई प्रभावित होती है।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और पुल के अभाव का असर केवल बच्चों की पढ़ाई पर ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर भी पड़ता है। बीमार व्यक्ति को अस्पताल तक पहुंचाने में काफी समय और मशक्कत लगती है।

नदी पर पुल नहीं होने के कारण ग्रामीणों और बच्चों को जोखिम उठाकर आवाजाही करनी पड़ती है। वहीं गांव के आसपास का इलाका जंगल से सटा होने के कारण जंगली जानवरों का खतरा भी बना रहता है।

ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क और पुल निर्माण की मांग लंबे समय से शासन-प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के सामने उठाई जाती रही है, लेकिन अब तक इसका स्थायी समाधान नहीं हो पाया है।

लैंसडौन विधानसभा क्षेत्र का वर्तमान प्रतिनिधित्व भाजपा विधायक दलीप सिंह रावत कर रहे हैं। उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार वह मौजूदा विधानसभा में लैंसडौन से निर्वाचित विधायक हैं। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे राजनीतिक प्रतिनिधित्व के बावजूद उनके गांव की सड़क और पुल की समस्या अभी भी बनी हुई है।

ग्रामीण अब शासन-प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि गांव को जल्द सड़क मार्ग से जोड़ा जाए और नदी पर स्थायी पुल का निर्माण कराया जाए, ताकि बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को जोखिम उठाकर आवागमन न करना पड़े।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क और पुल बन जाने से न केवल आवागमन आसान होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य सरकारी सुविधाओं तक पहुंच भी बेहतर होगी। अब देखना होगा कि बांसी घटातपड़ तोप गांव की वर्षों पुरानी यह मांग कब पूरी होती है।