
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

डीएवी पीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव के दौरान कांग्रेस प्रदेश सचिव एवं पूर्व एनएसयूआई पदाधिकारी विनीत प्रसाद भट्ट उर्फ बंटू की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस नेताओं में नाराजगी है। चुनाव के दिन पुलिस ने कॉलेज परिसर में पहुंचकर विनीत भट्ट के खिलाफ कार्रवाई की थी, जिस दौरान कांग्रेस और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं की पुलिस से कहासुनी और धक्कामुक्की की खबरें भी सामने आई थीं।

डीएवी पीजी कॉलेज की लॉ प्रोफेसर और कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह ने पुलिस कार्रवाई की आलोचना करते हुए इसे भेदभावपूर्ण बताया। उनका आरोप है कि चुनाव के दौरान अलग-अलग छात्र संगठनों से जुड़े लोगों के मामलों में पुलिस और प्रशासन का रवैया समान नहीं रहा।


डॉ. प्रतिमा सिंह ने आरोप लगाया कि एबीवीपी से जुड़े छात्रों द्वारा कॉलेज प्रशासन के साथ कथित अभद्रता के मामलों में पुलिस ने नरमी दिखाई, जबकि एनएसयूआई से जुड़े नेताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। यह उनका राजनीतिक आरोप है और इस दावे पर पुलिस या एबीवीपी की प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।


उन्होंने विनीत भट्ट की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब वह कॉलेज पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पुलिस कॉलेज परिसर में उनके खिलाफ वारंट की कार्रवाई के लिए पहुंची थी। पुलिस का कहना था कि उनके खिलाफ पूर्व से एक मामले में कार्रवाई लंबित थी।


कांग्रेस नेताओं का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव के ठीक दौरान इस कार्रवाई से चुनावी प्रक्रिया और एनएसयूआई समर्थकों पर असर पड़ा। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन भी किया था।

डॉ. प्रतिमा सिंह ने कहा कि कॉलेज शिक्षा का केंद्र है और वहां मतदान करने पहुंचे किसी व्यक्ति के साथ कानून के दायरे में समान व्यवहार होना चाहिए। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से सभी छात्र संगठनों के प्रति एक समान रवैया अपनाने की मांग की।



डीएवी पीजी कॉलेज में 29 सितंबर को हुए छात्रसंघ चुनाव के दौरान मतदान के बीच कई बार तनाव की स्थिति बनी। पुलिस और कांग्रेस-एनएसयूआई कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की की घटना भी रिपोर्ट हुई थी।
कांग्रेस अब विनीत भट्ट की गिरफ्तारी को चुनावी निष्पक्षता से जोड़ते हुए सवाल उठा रही है। वहीं पुलिस की ओर से गिरफ्तारी को लंबित कानूनी कार्रवाई का हिस्सा बताया गया है। ऐसे में पूरे घटनाक्रम को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है।

