
स्थान : काशीपुर
ब्यूरो रिपोर्ट

काशीपुर के राधेहरि राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव के परिणाम घोषित होने के बाद मतगणना को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। हारने वाले प्रत्याशी और उनके समर्थकों ने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए परिणामों में कथित हेरफेर के आरोप लगाए हैं।

अध्यक्ष पद पर गुरजिन्दर सिंह को 996 मत प्राप्त होने के साथ विजयी घोषित किया गया, जबकि कुलदीप सिंह को 985 मत मिले। कुलदीप सिंह के समर्थकों का आरोप है कि मतगणना के दौरान उनका प्रत्याशी बढ़त बनाए हुए था, लेकिन अंतिम चरण में परिस्थितियां बदल गईं।



समर्थकों ने आरोप लगाया कि प्रशासनिक हस्तक्षेप के बाद बूथ संख्या-3 की पुनर्मतगणना कराई गई। उनका दावा है कि मतों का अंतर अधिक होने के बावजूद री-काउंटिंग कराई गई, जबकि वे इसे नियमों के विपरीत बता रहे हैं। हालांकि इन आरोपों पर कॉलेज प्रशासन की विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।


विवाद तब और बढ़ गया जब चुनाव परिणाम की कथित रिजल्ट शीट सामने आई। समर्थकों का कहना है कि विजेता प्रत्याशी के मतों के आंकड़े पर ओवरराइटिंग दिखाई दे रही है और उन्हें संदेह है कि अंक में बदलाव किया गया है। यह आरोप अभी स्वतंत्र रूप से पुष्ट नहीं हुआ है।


इसके अलावा परिणाम पत्र में नोटा के कॉलम पर व्हाइटनर के इस्तेमाल का भी आरोप लगाया गया है। छात्रों और प्रत्याशी समर्थकों का कहना है कि ऐसी स्थिति में मतगणना प्रक्रिया और दस्तावेजों की पारदर्शिता को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है।

मामले पर कॉलेज प्रशासन का पक्ष जानने की कोशिश के दौरान प्राचार्या प्रो. रेखा डिमरी और मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से तत्काल विस्तृत बयान सामने नहीं आया। आरोप लगाने वाले पक्ष का दावा है कि परिणाम जारी होने के बाद अधिकारी मीडिया से बातचीत किए बिना परिसर से चले गए।



हारने वाले प्रत्याशी के समर्थकों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि मतगणना से जुड़े दस्तावेजों, री-काउंटिंग प्रक्रिया और अंतिम परिणाम की जांच कर स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।

प्रत्याशी पक्ष अब उच्च अधिकारियों के समक्ष शिकायत करने और कानूनी विकल्पों पर विचार करने की बात कह रहा है। फिलहाल धांधली, ओवरराइटिंग और पुनर्मतगणना से जुड़े सभी आरोप एक पक्ष के दावे हैं और आधिकारिक जांच या कॉलेज प्रशासन के विस्तृत स्पष्टीकरण के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

