एमबीपीजी कॉलेज का ‘जीरो जोन’ बना सवालों के घेरे में, 10 बजे तक बाहर जुट गई छात्रों की भीड़

एमबीपीजी कॉलेज का ‘जीरो जोन’ बना सवालों के घेरे में, 10 बजे तक बाहर जुट गई छात्रों की भीड़

स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना

एमबीपीजी कॉलेज छात्रसंघ चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बनाया गया जीरो जोन मंगलवार सुबह ही सवालों के घेरे में आ गया। मतदान शुरू होने से पहले पुलिस प्रशासन ने कॉलेज परिसर और आसपास कड़ी निगरानी का दावा किया था, लेकिन सुबह करीब 10 बजे तक कॉलेज के बाहर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं की भीड़ जमा हो गई।

चुनाव से पहले पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया था कि कॉलेज परिसर और उसके आसपास अनावश्यक भीड़ नहीं लगने दी जाएगी। जीरो जोन में वाहनों और बाहरी व्यक्तियों की आवाजाही पर नियंत्रण रखने की बात भी कही गई थी।

हालांकि मतदान शुरू होने के कुछ ही समय बाद कॉलेज के मुख्य प्रवेश क्षेत्र और आसपास छात्र-छात्राओं का जमावड़ा दिखाई देने लगा। इससे जीरो जोन की व्यवस्था कितनी प्रभावी रही, इसे लेकर सवाल उठने लगे हैं।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टी.सी. ने चुनाव से पूर्व सुरक्षा ब्रीफिंग में क्राउड कंट्रोल पर विशेष ध्यान देने और कॉलेज के बाहर अनावश्यक भीड़ जमा न होने देने के निर्देश दिए थे।

इसके बावजूद सुबह 10 बजे तक बड़ी संख्या में छात्र कॉलेज परिसर के बाहर दिखाई दिए। समर्थकों और छात्रों की मौजूदगी के कारण कई स्थानों पर भीड़ का दबाव बढ़ता नजर आया।

पुलिस की ओर से एक तरफ चेकिंग, गश्त और सुरक्षा संबंधी कार्रवाई जारी रही, वहीं दूसरी तरफ जीरो जोन में भीड़ जमा होने की स्थिति ने सुरक्षा प्रबंधन को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी।

छात्रसंघ चुनाव जैसे संवेदनशील अवसर पर जीरो जोन का उद्देश्य भीड़, विवाद और बाहरी हस्तक्षेप की संभावना को कम करना होता है। ऐसे में घोषित प्रतिबंधों का प्रभावी पालन प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कॉलेज के बाहर बढ़ती भीड़ के बीच पुलिसकर्मी छात्रों को हटाने और व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास करते दिखाई दिए। मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरतने की जरूरत महसूस की जा रही है।

अब सवाल यह है कि मतदान और मतगणना के दौरान जीरो जोन की व्यवस्था कितनी सख्ती से लागू की जाती है। पुलिस प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती भीड़ नियंत्रण और कॉलेज परिसर के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को प्रभावी बनाए रखने की है।