छात्रसंघ चुनाव से पहले छावनी में तब्दील हुआ एमबीपीजी कॉलेज, चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा

छात्रसंघ चुनाव से पहले छावनी में तब्दील हुआ एमबीपीजी कॉलेज, चप्पे-चप्पे पर पुलिस का पहरा

स्थान : हल्द्वानी
ब्यूरो रिपोर्ट

एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव को लेकर मंगलवार सुबह से ही सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी गई है। मतदान शुरू होने से पहले कॉलेज परिसर और आसपास के क्षेत्र में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। कॉलेज में प्रवेश करने वाले छात्र-छात्राओं पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है।

एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव के लिए 29 सितंबर को मतदान होना है। चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने पहले से ही व्यापक सुरक्षा प्लान तैयार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजूनाथ टीसी भी सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दे चुके हैं।

मतदान से कुछ समय पहले पूरा कॉलेज परिसर पुलिस छावनी जैसा नजर आया। कॉलेज के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर मतदान केंद्रों और आसपास की सड़कों तक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। कॉलेज प्रशासन ने भी मतदान के लिए अलग-अलग बूथ तैयार किए हैं और सीसीटीवी के जरिए निगरानी की व्यवस्था की है।

पुलिस का विशेष फोकस इस बात पर है कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह का विवाद, गुटबाजी या कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा न हो। चुनाव प्रचार के दौरान भी पुलिस ने प्रत्याशियों और समर्थकों को लिंगदोह कमेटी के नियमों का पालन करने और बाहरी लोगों को चुनावी गतिविधियों से दूर रखने की हिदायत दी थी।

इस बीच पुलिस ने आईटीआई गैंग से जुड़े देवेंद्र बिष्ट को एहतियातन हिरासत में लिया है। पुलिस की ओर से चुनाव के दौरान किसी भी तरह की सांप्रदायिक या आपसी तनाव की स्थिति को रोकने के उद्देश्य से संदिग्ध गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जा रही है। देवेंद्र बिष्ट को हिरासत में लिए जाने की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों में फिलहाल नहीं मिली है।

कॉलेज परिसर में बिना पहचान पत्र के प्रवेश पर सख्ती बरती जा रही है। छात्रों को निर्धारित रास्तों से ही मतदान स्थल तक जाने की अनुमति दी जा रही है। कॉलेज प्रशासन पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि अनुशासन बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है और मतदान व्यवस्था में किसी तरह की बाधा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

छात्रसंघ चुनाव और मतगणना को देखते हुए हल्द्वानी शहर में यातायात व्यवस्था में भी बदलाव किया गया है। पुलिस ने 29 सितंबर को सुबह से मतगणना पूरी होने तक कुछ क्षेत्रों में वाहनों के संचालन को नियंत्रित करने के लिए डायवर्जन प्लान लागू किया है।

पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि कॉलेज के आसपास अनावश्यक भीड़ एकत्र न होने दी जाए। चुनाव में बाहरी व्यक्तियों की भूमिका पर भी नजर रखी जा रही है। पुलिस की मोबाइल टीमें लगातार कॉलेज परिसर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में गश्त कर रही हैं।

पुलिस प्रशासन का कहना है कि छात्रसंघ चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। मतदान से लेकर मतगणना और परिणाम घोषित होने तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रहेगी। किसी भी तरह की अराजकता या नियमों के उल्लंघन पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।