मोबाइल की लत छुड़ाने की डरावनी एक्टिविटी पर विवाद, प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

मोबाइल की लत छुड़ाने की डरावनी एक्टिविटी पर विवाद, प्रशासन ने दिए जांच के आदेश

स्थान : खटीमा
रिपोर्टर -अशोक सरकार

बच्चों को मोबाइल और स्क्रीन टाइम की लत से दूर करने के उद्देश्य से स्कूल में कराई गई एक डरावनी गतिविधि अब विवादों में घिर गई है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं।

मामला बिरिया मझोला स्थित आदर्श इंडिया मोंटेसरी स्कूल का बताया जा रहा है। यहां बच्चों को मोबाइल के दुष्परिणाम समझाने के लिए एक इमोशनल एक्टिविटी कराई गई थी।

गतिविधि के दौरान एक बच्चे की आंखों पर रंग लगाकर पट्टी बांधी गई और उससे कहलवाया गया कि ज्यादा मोबाइल चलाने के कारण डॉक्टर ने उसकी दोनों आंखें निकाल दी हैं। यह सुनकर आसपास मौजूद कई बच्चे घबरा गए और रोने-चिल्लाने लगे।

वीडियो में बच्चे इस घटना से भावनात्मक रूप से प्रभावित दिखाई दे रहे हैं। इसके बाद बच्चों से भविष्य में मोबाइल कम इस्तेमाल करने या न चलाने का संकल्प भी कराया गया।

वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद इस तरीके को लेकर सवाल उठने लगे। आलोचना का मुख्य बिंदु यह रहा कि बच्चों को जागरूक करने के नाम पर डर और मानसिक दबाव का इस्तेमाल कितना उचित है।

प्रशासन ने वायरल वीडियो का संज्ञान लिया है। एसडीएम के मुताबिक बच्चों के स्वास्थ्य और मानसिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए इस तरह की भय पैदा करने वाली गतिविधियों से बचने के निर्देश दिए गए हैं।

मामले की जांच के आदेश भी दिए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी और यह देखा जाएगा कि स्कूल प्रबंधन ने बच्चों की सुरक्षा और मनोवैज्ञानिक संवेदनशीलता से जुड़े मानकों का पालन किया या नहीं।

उत्तराखंड राज्य निर्माण सेनानी शिव शंकर भाटिया ने भी इस घटना पर नाराजगी जताई है। वहीं अधिवक्ता संदीप भटनागर ने कहा कि इस तरह की गतिविधियों का बच्चों के दिल और दिमाग पर गहरा प्रभाव पड़ सकता है।

फिलहाल स्कूल की इस गतिविधि ने बच्चों को मोबाइल से दूर रखने के तरीकों पर नई बहस छेड़ दी है। प्रशासनिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं और स्कूल प्रबंधन के खिलाफ आगे क्या कार्रवाई की जाती है।