
स्थान : खटीमा
रिपोर्टर : अशोक सर्कार

छोटे और मध्यम व्यापारियों के प्रतिष्ठानों पर जीएसटी के नाम पर कथित छापेमारी और उत्पीड़न के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहीद स्मारक पर सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया। खटीमा विधायक भुवन चंद्र कापड़ी भी कार्यकर्ताओं के साथ धरने में शामिल हुए और राज्य सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।

विधायक भुवन कापड़ी ने आरोप लगाया कि जीएसटी जांच के नाम पर छोटे और मध्यम व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि व्यापारी पहले ही कई आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं और ऐसे समय में इस तरह की कार्रवाई उनके कारोबार पर अतिरिक्त दबाव डाल रही है।


कापड़ी ने कहा कि कांग्रेस छोटे व्यापारियों के कथित उत्पीड़न को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन जांच और कार्रवाई की प्रक्रिया ऐसी होनी चाहिए जिससे ईमानदारी से कारोबार कर रहे छोटे व्यापारियों में भय का माहौल न बने।


विधायक ने सरकार पर युवाओं और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर भी निशाना साधा। उनका आरोप था कि रोजगार को लेकर युवा परेशान हैं, जबकि किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य और खाद जैसी जरूरतों के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।


कापड़ी ने बड़े पूंजीपतियों के कर्ज से जुड़ा मुद्दा भी उठाया। उन्होंने दावा किया कि एक ओर बड़े कारोबारियों को राहत दी जा रही है, जबकि दूसरी ओर छोटे व्यापारियों और किसानों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। यह कांग्रेस नेता का राजनीतिक आरोप है और धरने के दौरान उन्होंने इसे सरकार की आर्थिक नीतियों से जोड़कर पेश किया।

उन्होंने कहा कि छोटे व्यापारियों का स्थानीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है और उनकी समस्याओं को गंभीरता से सुना जाना चाहिए। व्यापारियों के हितों को प्रभावित करने वाले किसी भी कदम के खिलाफ कांग्रेस आवाज उठाती रहेगी।



कापड़ी ने व्यापारियों को भरोसा दिलाया कि जब भी उन्हें कांग्रेस की जरूरत होगी, पार्टी उनके साथ खड़ी रहेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस व्यापारियों के मुद्दों को सड़क से लेकर संबंधित मंचों तक उठाएगी।

धरना प्रदर्शन में कांग्रेस के नगर, ब्लॉक और प्रदेश स्तर के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। स्थानीय संगठन के नेताओं ने भी जीएसटी से संबंधित कार्रवाइयों में पारदर्शिता और छोटे व्यापारियों के साथ संवेदनशील व्यवहार की मांग उठाई।
कांग्रेस के इस प्रदर्शन के बाद खटीमा में जीएसटी जांच और व्यापारियों से जुड़े मुद्दे पर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस जहां इसे छोटे व्यापारियों के उत्पीड़न का मामला बता रही है, वहीं किसी भी कर कार्रवाई की वास्तविक स्थिति और नियमों के पालन का आकलन संबंधित विभाग के आधिकारिक पक्ष और रिकॉर्ड के आधार पर ही किया जा सकता है।

