
स्थान : हल्द्वानी
रिपोर्टर : पंकज सक्सेना

वर्ष 2027 में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनावों को देखते हुए राजनीतिक दलों ने संगठनात्मक तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी ने उत्तराखंड संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए हल्द्वानी निवासी अब्दुल मतीन सिद्दीकी को पार्टी का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी है। इससे पहले मतीन सिद्दीकी प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

पार्टी नेतृत्व की ओर से हाल ही में उत्तराखंड के नेताओं के साथ बैठक की गई थी। इसके बाद संगठन विस्तार और 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों के मद्देनजर नई जिम्मेदारियां तय की गईं। मतीन सिद्दीकी के साथ सोनम बगवाड़ी को उत्तराखंड प्रभारी और आभा बड़थवाल को गढ़वाल मंडल प्रभारी की जिम्मेदारी भी दिए जाने की रिपोर्ट है।


प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद हल्द्वानी पहुंचने पर मतीन सिद्दीकी का समाजवादी पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार स्वागत किया। कार्यकर्ताओं ने ढोल-नगाड़ों और फूलमालाओं के साथ उनका अभिनंदन किया। लखनऊ से हल्द्वानी लौटते समय बहेड़ी में भी पार्टी नेताओं और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने उनका स्वागत किया।


नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष मतीन सिद्दीकी ने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें उत्तराखंड संगठन की जो जिम्मेदारी दी है, उसे वे पूरी निष्ठा से निभाएंगे। उन्होंने संगठन को जमीनी स्तर और बूथ स्तर तक मजबूत करने तथा आम जनता से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाने की बात कही।



मतीन सिद्दीकी ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पार्टी की महत्वाकांक्षा भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी उत्तराखंड में पूरी मजबूती के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी और उन सीटों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा जहां पार्टी का मजबूत जनाधार तैयार किया जा सकता है।

टिकट बंटवारे को लेकर उन्होंने कहा कि पार्टी में लंबे समय से संघर्ष करने वाले, संगठन के लिए सक्रिय रहने वाले और जीत की क्षमता रखने वाले नेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। उनका कहना है कि उम्मीदवारों के चयन में जमीनी पकड़ और चुनावी संभावनाओं को महत्वपूर्ण आधार बनाया जाएगा।



सिद्दीकी उत्तराखंड की राजनीति में पहले भी सक्रिय रहे हैं। वे 2012 में समाजवादी पार्टी के प्रदेश महासचिव रह चुके हैं और हल्द्वानी विधानसभा तथा मेयर पद का चुनाव भी सपा के टिकट पर लड़ चुके हैं। वर्ष 2016 में वे कांग्रेस में शामिल हुए थे, जबकि 2022 में हल्द्वानी विधानसभा सीट से एआईएमआईएम के टिकट पर चुनाव लड़ा। बाद में उन्होंने समाजवादी पार्टी में वापसी की और प्रदेश प्रभारी की जिम्मेदारी संभाली।

समाजवादी पार्टी की कोशिश अब उत्तराखंड में संगठन का विस्तार कर 2027 के चुनाव से पहले अपनी सक्रियता बढ़ाने की है। नए प्रदेश अध्यक्ष के सामने जिला और बूथ स्तर पर संगठन खड़ा करने, पुराने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और नए समर्थकों को पार्टी से जोड़ने की चुनौती होगी।
नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि 2027 का विधानसभा चुनाव उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश दोनों राज्यों में समाजवादी पार्टी पूरी ताकत के साथ लड़ेगी। उत्तराखंड में पार्टी किस रणनीति और कितनी सीटों के साथ मैदान में उतरती है, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा, लेकिन प्रदेश अध्यक्ष में बदलाव के साथ पार्टी ने चुनावी तैयारियों का संकेत जरूर दे दिया है।

