उत्तराखंड में सेवा संकल्प अभियान जारी, दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंचाई जा रहीं सरकारी योजनाएं

उत्तराखंड में सेवा संकल्प अभियान जारी, दूरदराज क्षेत्रों तक पहुंचाई जा रहीं सरकारी योजनाएं

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर से शुरू हुआ सेवा संकल्प अभियान उत्तराखंड में लगातार जारी है। अभियान 17 अक्टूबर तक चलना प्रस्तावित है और इसके तहत सेवा, जनभागीदारी तथा सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया जा रहा है।

राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में अभियान के तहत विशेष शिविर लगाए जा रहे हैं। इन शिविरों का उद्देश्य ऐसे जरूरतमंद और दूरदराज क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सरकारी योजनाओं और सुविधाओं से जोड़ना है, जिन्हें सामान्य तौर पर जिला मुख्यालय या सरकारी कार्यालयों तक पहुंचने में कठिनाई होती है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अभियान को सेवा और जनभागीदारी से जुड़ी पहल बताया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस के अवसर पर शुरू किए गए इस अभियान के माध्यम से लोगों तक सरकार की विभिन्न योजनाओं का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार अभियान का फोकस केवल कार्यक्रमों के आयोजन तक सीमित नहीं है, बल्कि योजनाओं के वास्तविक लाभार्थियों तक पहुंच सुनिश्चित करना भी इसका उद्देश्य है। विशेष रूप से पर्वतीय और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों को स्थानीय स्तर पर ही सेवाएं उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।

सरकार की ओर से अभियान के दौरान स्वास्थ्य, जनकल्याण, सामाजिक सुरक्षा और अन्य विभागों से जुड़ी योजनाओं की जानकारी भी लोगों को दी जा रही है। पात्र लाभार्थियों को आवश्यक प्रक्रियाओं और आवेदन संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने पर भी जोर है।

सेवा संकल्प अभियान में विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों की भागीदारी के साथ स्थानीय स्तर पर शिविर और जनसंपर्क कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि इससे लोगों को योजनाओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि अभियान सेवा, संवाद और जनभागीदारी की भावना के साथ चलाया जा रहा है। इसके माध्यम से नागरिकों को विकास और जनकल्याण की योजनाओं से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

राज्य सरकार ने विभागों को निर्देश दिए हैं कि अभियान के दौरान प्राप्त समस्याओं और पात्र लाभार्थियों से जुड़े मामलों पर प्राथमिकता से कार्रवाई की जाए। अभियान का उद्देश्य सरकारी योजनाओं की पहुंच को अंतिम व्यक्ति तक ले जाना और लोगों को उनके क्षेत्र में ही सुविधाएं उपलब्ध कराना बताया गया है।