उत्तराखंड की राज्यसभा सीट पर 16 अक्टूबर को चुनाव, नए चेहरे को लेकर सियासी चर्चा तेज

उत्तराखंड की राज्यसभा सीट पर 16 अक्टूबर को चुनाव, नए चेहरे को लेकर सियासी चर्चा तेज

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड की राजनीति में राज्यसभा की एक सीट को लेकर सरगर्मियां तेज हो गई हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं मौजूदा राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर 2026 को पूरा हो रहा है। उनकी सीट पर अब नए सदस्य के निर्वाचन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है।

निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड की इस एक राज्यसभा सीट के लिए चुनाव कार्यक्रम घोषित कर दिया है। मतदान 16 अक्टूबर को होगा और यदि मतदान की आवश्यकता पड़ी तो उसी दिन मतगणना भी की जाएगी। चुनाव की अधिसूचना 29 सितंबर को जारी होगी।

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रत्याशी 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल कर सकेंगे। 7 अक्टूबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी, जबकि 9 अक्टूबर नाम वापस लेने की अंतिम तारीख निर्धारित की गई है। पूरी चुनाव प्रक्रिया 19 अक्टूबर तक पूरी की जानी है।

नरेश बंसल नवंबर 2020 में उत्तराखंड से राज्यसभा के लिए चुने गए थे। उस समय केवल उनका नामांकन वैध रहने के कारण उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया था। अब छह वर्ष का उनका कार्यकाल समाप्त होने के साथ ही एक बार फिर यह सीट राजनीतिक चर्चा के केंद्र में आ गई है।

राज्यसभा चुनाव में आम मतदाता सीधे मतदान नहीं करते, बल्कि राज्य विधानसभा के निर्वाचित विधायक मतदान करते हैं। उत्तराखंड विधानसभा में कुल 70 सदस्य हैं। विधानसभा की आधिकारिक दलगत स्थिति के अनुसार भाजपा के 47, कांग्रेस के 20, दो निर्दलीय और बसपा का एक विधायक है।

राज्यसभा सीट को लेकर राजनीतिक गलियारों में संभावित नामों और रणनीति की चर्चा शुरू हो गई है। हालांकि 22 सितंबर तक उपलब्ध सार्वजनिक जानकारी में भाजपा की ओर से इस सीट के लिए अधिकृत प्रत्याशी के नाम की घोषणा सामने नहीं आई है।

प्रदेश भाजपा में कई वरिष्ठ और संगठन से जुड़े नेताओं को लेकर राजनीतिक चर्चाएं हो सकती हैं, लेकिन प्रत्याशी का औपचारिक चयन पार्टी की निर्धारित प्रक्रिया और केंद्रीय नेतृत्व के फैसले के बाद ही स्पष्ट होगा। इसलिए किसी संभावित नाम को अभी अधिकृत उम्मीदवार मानना जल्दबाजी होगी।

नरेश बंसल लंबे समय से भाजपा संगठन से जुड़े रहे हैं। राज्यसभा की आधिकारिक जानकारी के मुताबिक वह उत्तराखंड सरकार में आवास एवं विकास बोर्ड के अध्यक्ष और बीस सूत्रीय कार्यक्रम एवं क्रियान्वयन समिति के उपाध्यक्ष जैसे दायित्व भी संभाल चुके हैं। नवंबर 2020 से वह राज्यसभा में उत्तराखंड का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं।

अब राजनीतिक निगाहें 29 सितंबर से शुरू होने वाली नामांकन प्रक्रिया और दलों की प्रत्याशी घोषणा पर टिकी हैं। भाजपा पुराने चेहरे को दोबारा अवसर देती है या किसी नए नेता को राज्यसभा भेजने का निर्णय करती है, यह औपचारिक उम्मीदवार घोषणा के बाद ही साफ होगा। 16 अक्टूबर की चुनाव प्रक्रिया के साथ उत्तराखंड से राज्यसभा के अगले प्रतिनिधि को लेकर स्थिति स्पष्ट हो जाएगी।