हेमवती नंदन बहुगुणा महाविद्यालय में टिकट को लेकर घमासान, ABVP के भीतर बढ़ी हलचल

हेमवती नंदन बहुगुणा महाविद्यालय में टिकट को लेकर घमासान, ABVP के भीतर बढ़ी हलचल

स्थान : खटीमा ( ऊधम सिंह नगर )
रिपोर्टर : अशोक सरकार

हेमवती नंदन बहुगुणा महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव से पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में टिकट को लेकर विवाद सामने आया है। संगठन में करीब छह वर्षों से सक्रिय बताए जा रहे जतिन पांडे टिकट नहीं मिलने से नाराज हैं और अब उनके निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव मैदान में उतरने की चर्चा तेज हो गई है।

जतिन पांडे का कहना है कि वह पिछले दो वर्षों से छात्रसंघ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। उनके मुताबिक बीती शाम उन्हें टिकट मिलने की जानकारी दी गई थी, लेकिन कुछ ही घंटों बाद टिकट रद्द किए जाने की बात सामने आई। जतिन ने इस पूरे घटनाक्रम को अपने साथ हुई कथित अनैतिकता बताया है।

विवाद सामने आने के बाद जतिन पांडे को मनाने की कोशिशें भी शुरू होने की बात कही जा रही है। दावा है कि भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष समेत कई नेताओं ने उनसे फोन पर संपर्क किया है। हालांकि इन बातचीतों को लेकर संबंधित नेताओं की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

इसी बीच वंशिका शुक्ला ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्हें रात के समय एक भाजपा कार्यकर्ता की ओर से कथित धमकी भरा फोन आया। उनका आरोप है कि संगठन के साथ नहीं रहने पर उन्हें और उनके परिवार को नुकसान पहुंचाने की बात कही गई। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

ABVP के नगर मंत्री नवनीत सिंह राणा ने भी टिकट विवाद को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि ऊपरी दबाव के चलते जतिन पांडे का टिकट रद्द किया गया। उन्होंने दावा किया कि संगठन के कुछ कार्यकर्ता अब जतिन पांडे को निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ाने की तैयारी कर रहे हैं।

वहीं, ABVP के प्रांत संयोजक नीरज धामी ने भी संगठन की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि उन पर भी कथित रूप से दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन के भीतर उन्हें प्रताड़ना का सामना करना पड़ा, जिसके बाद उन्होंने जतिन पांडे का समर्थन करने का फैसला किया है।

छात्रसंघ चुनाव से ठीक पहले सामने आए इस घटनाक्रम ने महाविद्यालय की चुनावी राजनीति में हलचल बढ़ा दी है। टिकट वितरण को लेकर संगठन के भीतर सामने आए मतभेदों के कारण कार्यकर्ताओं और संभावित प्रत्याशियों के बीच भी चर्चा तेज हो गई है।

फिलहाल सभी की निगाहें जतिन पांडे के अगले कदम पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि वह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में नामांकन करते हैं या संगठन स्तर पर बातचीत के बाद कोई नया फैसला सामने आता है। दूसरी ओर, धमकी और दबाव से जुड़े आरोपों पर संबंधित पक्षों की आधिकारिक प्रतिक्रिया भी अभी सामने आनी बाकी है।