
स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता हरीश रावत लंबे समय बाद देहरादून में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों के बीच पहुंचे। इस दौरान विभिन्न स्थानों पर हुए स्वागत और मिले समर्थन को लेकर उन्होंने कार्यकर्ताओं तथा शुभचिंतकों का आभार जताया। रविवार को दिल्ली से उत्तराखंड लौटने के बाद उनका कई स्थानों पर स्वागत किया गया।

हरीश रावत ने कहा कि कठिन और विषम परिस्थितियों के दौरान भी जिस तरह पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने उनका साथ दिया, उसके लिए वह सभी के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि मुश्किल दौर में लोगों से मिला सहयोग और स्नेह उनके लिए महत्वपूर्ण रहा है।


रावत ने अपने स्वास्थ्य का उल्लेख करते हुए कहा कि कुछ समय से विषम शारीरिक परिस्थितियों के कारण वह सक्रिय राजनीतिक कार्यक्रमों से दूरी बनाए हुए थे। अब स्वास्थ्य में सुधार के बाद वह फिर से कार्यकर्ताओं और जनता के बीच सक्रिय हुए हैं।

देहरादून पहुंचने के बाद हरीश रावत ने राज्य आंदोलन से जुड़े शहीद स्मारक का भी दौरा किया और उत्तराखंड राज्य आंदोलन के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की।


पूर्व मुख्यमंत्री ने अपने लंबे राजनीतिक सफर का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कई दशक पहले उत्तराखंड की धरती से शुरू हुआ उनका राजनीतिक जीवन अनेक उतार-चढ़ाव और कठिन परिस्थितियों से गुजरा है, लेकिन कार्यकर्ताओं और जनता से मिले सहयोग ने उन्हें लगातार आगे बढ़ने की शक्ति दी।
रावत ने कहा कि राजनीतिक जीवन में कई बार कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा, लेकिन वह उनसे निकलकर दोबारा सक्रिय हुए। उन्होंने अपने समर्थकों से कहा कि राजनीतिक परिस्थितियां चाहे जैसी भी हों, जनता से जुड़े मुद्दों और संगठन के कार्यों को आगे बढ़ाना जरूरी है।



हाल के दिनों में हरीश रावत ने कांग्रेस के प्रदेश कार्यकारिणी और कांग्रेस कार्यसमिति के स्थायी आमंत्रित सदस्य जैसे पदों से इस्तीफे की पेशकश भी की थी। हालांकि उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पार्टी नेतृत्व की ओर से इस पेशकश पर अंतिम निर्णय सामने नहीं आया है।
सोमवार को हरीश रावत ने देहरादून के चार सिद्धपीठों में दर्शन और पूजा-अर्चना भी की। इस दौरान उन्होंने कहा कि आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों में वह पार्टी नेतृत्व के निर्णय के अनुरूप कार्य करेंगे और कार्यकर्ताओं के साथ जनता के मुद्दों को उठाते रहेंगे।
लंबे अंतराल के बाद हरीश रावत की राजनीतिक सक्रियता और समर्थकों के बीच वापसी ने प्रदेश कांग्रेस में भी हलचल बढ़ा दी है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से मिले समर्थन को अपनी ताकत बताते हुए कहा कि आने वाले समय में वह संगठन और जनता से जुड़े कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाते रहेंगे।

