
स्थान : रामनगर
ब्यूरो रिपोर्ट

सांवल्दे क्षेत्र में काशीपुर निवासी एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर परिजनों ने सड़क दुर्घटना की कहानी पर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई है। मृतक की पहचान मोहन पाल के रूप में हुई है। उसके भाई एवं भाजपा एससी मोर्चा से जुड़े सोनू सिंह ने रामनगर कोतवाली में तहरीर देकर निष्पक्ष जांच और हत्या के आरोपों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की मांग की है।

परिजनों के अनुसार मोहन पाल शटरिंग का काम करता था और काम के सिलसिले में रामनगर, पीरूमदारा तथा आसपास के क्षेत्रों में आता-जाता रहता था। मृतक के भाई सोनू सिंह का आरोप है कि 20 अगस्त को करीब 50 हजार रुपये के हिसाब-किताब को लेकर मोहन पाल और उसके साथ काम करने वाले पवन उर्फ सोहन सिंह के बीच विवाद हुआ था।


सोनू सिंह का दावा है कि उस विवाद के दौरान दोनों के बीच मारपीट भी हुई और मोहन पाल के सिर पर चोट लगी थी। परिवार के मुताबिक उस समय उसका उपचार कराया गया, लेकिन मामले को आगे नहीं बढ़ाया गया। परिजनों का कहना है कि अब मोहन की मौत के बाद पुराने विवाद को भी जांच के दायरे में लिया जाना चाहिए।

पुलिस को दी गई तहरीर के अनुसार 8 सितंबर को मोहन पाल शटरिंग के काम की शेष रकम लेने की बात कहकर घर से निकला था। शाम करीब साढ़े चार बजे उसने अपनी बेटी से फोन पर बातचीत की और बताया कि वह रामनगर क्षेत्र में है तथा वहां मोबाइल नेटवर्क की समस्या है। परिवार का दावा है कि बातचीत के दौरान फोन पर कुछ अन्य लोगों की आवाजें भी सुनाई दे रही थीं।


परिजनों के मुताबिक इसके कुछ समय बाद, शाम करीब छह बजे उन्हें सूचना मिली कि मोहन पाल रामनगर के सरकारी अस्पताल में भर्ती है। परिवार जब अस्पताल पहुंचा तो उसकी मौत हो चुकी थी। सोनू सिंह का कहना है कि अस्पताल में मौजूद पवन कुमार ने बताया कि मोहन उसके साथ मोटरसाइकिल पर था और सांवल्दे के पास बाइक डिवाइडर से टकरा गई थी।
परिवार ने इस कथित सड़क हादसे पर सवाल खड़े किए हैं। सोनू सिंह का आरोप है कि जिस वाहन से दुर्घटना होने की बात कही जा रही है, उसमें पीछे की ओर अधिक नुकसान दिखाई दे रहा था, जबकि आगे का हिस्सा अपेक्षाकृत सुरक्षित था। उनका कहना है कि घटनास्थल की परिस्थितियां भी परिवार को संदेहास्पद लग रही हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।




परिजनों ने पुलिस को दी तहरीर में पवन कुमार उर्फ सोहन सिंह सहित अन्य लोगों की भूमिका की जांच करने की मांग की है। सोनू सिंह ने आरोप लगाया कि शिकायत देने के बावजूद उन्हें एफआईआर की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई और प्रकरण को सड़क दुर्घटना के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि परिवार केवल निष्पक्ष जांच चाहता है और यदि किसी अपराध की पुष्टि होती है तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
मृतक की पत्नी सोनम ने भी पति की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि मोहन के अंतिम समय में उसके साथ मौजूद व्यक्तियों, पुराने विवाद और घटना से जुड़ी परिस्थितियों की विस्तृत जांच होनी चाहिए। परिवार ने अपनी सुरक्षा को लेकर भी आशंका व्यक्त करते हुए पुलिस से आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
वहीं रामनगर कोतवाल सुशील कुमार के अनुसार मामले की जांच की जा रही है और अभी पोस्टमार्टम रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के वास्तविक कारणों को लेकर स्थिति अधिक स्पष्ट होगी और उसी के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल यह स्पष्ट होना बाकी है कि मोहन पाल की मौत सड़क दुर्घटना का परिणाम थी या परिजनों द्वारा जताई गई आशंका में कोई तथ्य सामने आता है।

