टीबी मुक्त पंचायत के लिए ग्राम प्रधानों को दिया प्रशिक्षण, पहले दिन 30 प्रधान हुए शामिल

टीबी मुक्त पंचायत के लिए ग्राम प्रधानों को दिया प्रशिक्षण, पहले दिन 30 प्रधान हुए शामिल

स्थान : सितारगंज
ब्यूरो रिपोर्ट

टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से उप जिला चिकित्सालय सितारगंज में ग्राम प्रधानों के लिए जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्राम स्तर पर टीबी की रोकथाम और समय पर मरीजों की पहचान में जनप्रतिनिधियों की भूमिका पर जोर दिया गया।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजीव गोस्वामी और जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. संजय पांडेय के निर्देशन में सितारगंज क्षेत्र में दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के पहले दिन क्षेत्र की विभिन्न ग्राम पंचायतों से करीब 30 ग्राम प्रधानों ने प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम में जिला PMDT TB-HIV समन्वयक नवल किशोर पंडित ने ग्राम प्रधानों को टीबी से संबंधित विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने टीबी के प्रमुख लक्षण, जांच की प्रक्रिया, उपचार और बीमारी से बचाव के उपायों के बारे में बताया।

प्रशिक्षण के दौरान ग्राम प्रधानों को बताया गया कि लंबे समय तक खांसी, बुखार, वजन कम होना और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर संबंधित व्यक्ति को समय पर जांच के लिए स्वास्थ्य केंद्र तक पहुंचाना जरूरी है। समय पर पहचान और उपचार से संक्रमण के प्रसार को रोकने में मदद मिलती है।

नवल किशोर पंडित ने कहा कि ग्राम पंचायत स्तर पर संभावित टीबी मरीजों की पहचान में ग्राम प्रधान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। स्थानीय स्तर पर लोगों से सीधा संवाद होने के कारण वे संदिग्ध मरीजों को जांच और उपचार के लिए प्रेरित कर सकते हैं।

उन्होंने ग्राम प्रधानों से अपील की कि वे गांवों में टीबी को लेकर फैली भ्रांतियों को दूर करने और लोगों में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास करें। साथ ही उपचार ले रहे मरीजों को नियमित दवा लेने और इलाज बीच में नहीं छोड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जाए।

प्रशिक्षण में टीबी मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार और सामाजिक सहयोग की आवश्यकता पर भी चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि बीमारी को छिपाने के बजाय समय पर जांच और उपचार कराने के लिए समुदाय में सकारात्मक वातावरण तैयार करना जरूरी है।

कार्यक्रम के दौरान टीबी नियंत्रण और जनजागरूकता के लिए ग्राम प्रधानों द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना भी की गई। स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों के सहयोग से टीबी मुक्त पंचायत के लक्ष्य को हासिल करने में तेजी लाई जा सकती है।

दो दिवसीय प्रशिक्षण के माध्यम से ग्राम प्रधानों को टीबी मुक्त भारत अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग ने उम्मीद जताई कि प्रशिक्षण के बाद ग्राम प्रधान अपने-अपने क्षेत्रों में जागरूकता बढ़ाकर संभावित मरीजों की पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित कराने में सहयोग करेंगे।