1853 आंगनबाड़ी केंद्रों में होगा ‘आंगन का मिलन’, मंत्री रेखा आर्या ने की तैयारियों की समीक्षा

1853 आंगनबाड़ी केंद्रों में होगा ‘आंगन का मिलन’, मंत्री रेखा आर्या ने की तैयारियों की समीक्षा

स्थान : देहरादून
ब्यूरो रिपोर्ट

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या की अध्यक्षता में सोमवार को वीर चन्द्र सिंह गढ़वाली मेडिकल कॉलेज, श्रीकोट के मुख्य कॉन्फ्रेंस हॉल में सेवा संकल्प अभियान के तहत प्रस्तावित ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मंत्री ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को कार्यक्रम के सफल और व्यवस्थित संचालन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

बैठक में बताया गया कि पौड़ी जनपद के 1853 आंगनबाड़ी केंद्रों में ‘आंगन का मिलन’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि इसका उद्देश्य आंगनबाड़ी केंद्रों को महिलाओं, बच्चों और ग्रामीण समुदाय से अधिक प्रभावी रूप से जोड़ना तथा पात्र लाभार्थियों तक जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ पहुंचाना है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कार्यक्रम में अभिभावकों और ग्रामीण समुदाय की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए। इसके लिए स्थानीय स्तर पर व्यापक प्रचार-प्रसार करने और लोगों को कार्यक्रम की गतिविधियों तथा उपलब्ध योजनाओं की जानकारी समय रहते देने को कहा गया।

मंत्री ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल विकास विभाग की विभिन्न योजनाओं, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, गोद भराई, जन्मोत्सव तथा अन्य केंद्र और राज्य पोषित योजनाओं की जानकारी आमजन को दी जाएगी। पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विभागीय स्तर पर आवश्यक कार्रवाई पहले से पूरी करने के निर्देश दिए गए।

रेखा आर्या ने अधिकारियों से लाभार्थियों के साथ सीधा संवाद स्थापित करने को कहा, ताकि उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की वास्तविक जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान प्राप्त शिकायतों और समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए और योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक देरी न हो।

उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों, ग्राम प्रधानों, महिला समूहों, गणमान्य नागरिकों और ग्रामीण समुदाय की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। मंत्री ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों को केवल योजना वितरण का केंद्र न मानकर संवाद, जागरूकता और सामुदायिक भागीदारी का प्रभावी मंच बनाया जाए।

कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए खेलकूद, कला, सांस्कृतिक और अन्य रचनात्मक प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों की प्रतिभा और आत्मविश्वास को प्रोत्साहित करने का प्रयास किया जाएगा।

मंत्री ने निर्देश दिए कि अभियान के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी और आशा कार्यकत्रियों को सम्मानित किया जाए। साथ ही मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, बाल संरक्षण और बाल विकास से संबंधित जागरूकता गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने को कहा।

रेखा आर्या ने कहा कि कार्यक्रम की सफलता के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें। उन्होंने आयोजन स्थलों पर साफ-सफाई, पेयजल, बैठने की व्यवस्था, प्रचार-प्रसार सामग्री और अन्य जरूरी व्यवस्थाएं समय से पूर्ण करने के निर्देश देते हुए कहा कि कार्यक्रमों में किसी प्रकार की अव्यवस्था नहीं होनी चाहिए और सभी तैयारियां आयोजन से पहले पूरी कर ली जाएं।